Tax Collections: FY25 में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 16.45% की बढ़ोतरी, सरकार के खजाने में 15.82 लाख करोड़ रुपये

Tax Collections: भारत ने वित्तीय वर्ष 2025 के दौरान डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में मजबूत वृद्धि दर्ज की है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 17 दिसंबर तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 16.45% की बढ़ोतरी हुई

Tax Collections: भारत ने वित्तीय वर्ष 2025 के दौरान डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में मजबूत वृद्धि दर्ज की है. सरकारी आंकड़ों के अनुसार 17 दिसंबर तक डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 16.45% की बढ़ोतरी हुई और यह 15.82 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया. इस दौरान एडवांस टैक्स कलेक्शन में 21% का इजाफा हुआ जो अब 7.56 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है.

FY25 में अब तक कुल कलेक्शन

कुल टैक्स कलेक्शन में 7.42 लाख करोड़ रुपये का कॉरपोरेट टैक्स और 7.97 लाख करोड़ रुपये का नॉन-कॉरपोरेट टैक्स शामिल है. इसके अतिरिक्त, 40,114 करोड़ रुपये का सिक्योरिटीज ट्रांजेक्शन टैक्स (STT) भी कलेक्ट किया गया. डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में कॉरपोरेट टैक्स, व्यक्तिगत आयकर और STT शामिल होते हैं.

टैक्स रिफंड और ग्रॉस कलेक्शन

इस अवधि में 3.39 लाख करोड़ रुपये के टैक्स रिफंड जारी किए गए जो सालाना आधार पर 42.49% ज्यादा हैं. कुल मिलाकर ग्रॉस डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 19.21 लाख करोड़ रुपये से अधिक रहा जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 20.32% अधिक है.

राजकोषीय घाटे को नियंत्रित करने में मदद

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि भारत सरकार का मजबूत टैक्स कलेक्शन वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए निर्धारित राजकोषीय घाटे के लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक साबित हो सकता है. जुलाई 2023 के केंद्रीय बजट में सरकार ने FY25 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य 4.9% निर्धारित किया था, जिसका उद्देश्य घाटे को देश के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 4.9% तक सीमित रखना है. 

Also Read: विवादित टैक्स डिमांड के लिए जल्द दाखिल करें डिक्लेरेशन, वरना हाथ से निकल जाएगा मौका

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >