मूल्यवान कंपनियों में टाटा का जलवा बरकरार, अदाणी ग्रुप सुपरफास्ट

Tata-Adani Group: ब्रांड फाइनेंस इंडिया 2025 रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ग्रुप 31.6 अरब डॉलर के साथ भारत का सबसे मूल्यवान ब्रांड बना है, जबकि अदाणी समूह 82% वृद्धि के साथ सबसे तेजी से बढ़ने वाला ब्रांड बना. इन्फोसिस, एचडीएफसी और एलआईसी भी टॉप ब्रांड्स में शामिल हैं. ताज होटल्स लगातार चौथे साल सबसे मजबूत ब्रांड रहा. कुल 100 ब्रांडों का मूल्य 236.5 अरब डॉलर पहुंच गया है. रिपोर्ट भारत की आर्थिक मजबूती और वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भूमिका को दर्शाती है.

Tata-Adani Group: ब्रिटेन की ब्रांड वैल्यूएशन फर्म ‘ब्रांड फाइनेंस’ की ओर से जारी इंडिया 100–2025 रिपोर्ट में टाटा ग्रुप को एक बार फिर भारत का सबसे मूल्यवान ब्रांड घोषित किया गया है. टाटा ग्रुप का ब्रांड मूल्य इस साल 10% बढ़कर 31.6 अरब डॉलर हो गया है. रिपोर्ट के अनुसार, टाटा का यह दबदबा उसकी विविध व्यवसायों में मजबूत मौजूदगी, इलेक्ट्रिक वाहनों, सेमीकंडक्टर, एआई और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में रणनीतिक निवेश का परिणाम है. वहीं, अदाणी ग्रुप देश में सबसे अधिक तेजी से उभरा है.

अदाणी ग्रुप सबसे तेजी से बढ़ता ब्रांड

रिपोर्ट में कहा गया है कि अदाणी ग्रुप ने देश का सबसे तेजी से बढ़ता ब्रांड बनने का गौरव हासिल किया है. 2024 में 3.55 अरब डॉलर का ब्रांड मूल्य 2025 में 82% की ग्रोथ के साथ बढ़कर 6.46 अरब डॉलर हो गया. यह छलांग अदाणी ग्रुप की बुनियादी ढांचे पर केंद्रित रणनीति, लचीलापन और ग्रोथ के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. इस उछाल के साथ अदाणी ग्रुप 13वें स्थान पर पहुंच गया है, जबकि पिछली रैंकिंग में वह 16वें स्थान पर था.

इन्फोसिस और एचडीएफसी का भी शानदार प्रदर्शन

ब्रांड रैंकिंग में इन्फोसिस ने भी मजबूती दिखाई है. कंपनी का ब्रांड मूल्य 15% बढ़कर 16.3 अरब डॉलर हो गया है, जिससे वह दूसरे स्थान पर है. यह ग्रोथ उसके आईटी सेवा क्षेत्र में अग्रणी बने रहने के कारण है. एचडीएफसी ग्रुप का ब्रांड मूल्य 14.2 अरब डॉलर रहा और वह तीसरे स्थान पर रहा, जिसकी मजबूत बैंकिंग और फाइनेंस उपस्थिति है.

एलआईसी और अन्य बड़े ब्रांड

सरकारी बीमा कंपनी LIC 13.6 अरब डॉलर के ब्रांड मूल्य के साथ चौथे स्थान पर है.

  • एचसीएल टेक: 8.9 अरब डॉलर (8वां स्थान)
  • लार्सन एंड टुब्रो: 7.4 अरब डॉलर (9वां स्थान)
  • महिंद्रा ग्रुप: 7.2 अरब डॉलर (10वां स्थान)

भारत के सबसे मजबूत ब्रांड

सिर्फ मूल्य ही नहीं, ब्रांड मजबूती के लिहाज से भी भारतीय ब्रांडों ने मजबूती दिखाई. ताज होटल्स ने लगातार चौथे साल भारत का सबसे मजबूत ब्रांड बने रहने का गौरव हासिल किया. एशियन पेंट्स दूसरे स्थान पर और अमूल तीसरे सबसे मजबूत ब्रांड के रूप में उभरा है.

ब्रांड फाइनेंस की पद्धति और रैंकिंग का विश्लेषण

लंदन आधारित ब्रांड फाइनेंस ब्रांड वैल्यू और ब्रांड मजबूती के आकलन में विश्व की अग्रणी संस्था मानी जाती है. यह मूल्यांकन ब्रांड मजबूती सूचकांक, ब्रांड प्रभाव और भविष्य की संभावित कमाई जैसे मानकों के आधार पर किया जाता है.

कुल ब्रांड वैल्यू और भारत की वैश्विक स्थिति

इंडिया 100–2025 रिपोर्ट के अनुसार, टॉप 100 भारतीय ब्रांडों का कुल मूल्य 236.5 अरब डॉलर पहुंच गया है. रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि भारत की अर्थव्यवस्था में हो रहे सतत पूंजी निवेश, मजबूत घरेलू मांग और सार्वजनिक-निजी भागीदारी से देश के अग्रणी ब्रांड वैश्विक अस्थिरता का मुकाबला करने और अवसरों का फायदा उठाने के लिए बेहतर स्थिति में हैं.

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टाटा ग्रुप की सशक्त बढ़त

जहां टाटा ग्रुप ने अपनी ब्रांड वैल्यू में स्थिर और सशक्त बढ़त दिखाई है. वहीं, अदाणी ग्रुप की अभूतपूर्व तेजी भविष्य में उसके उभरते प्रभुत्व की ओर इशारा करती है. भारत के ब्रांड वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धा करने और नेतृत्व निभाने के लिए तैयार दिख रहे हैं.

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लेखक के बारे में

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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