Digital Life Certificate: रिटायरमेंट के बाद पेंशन का समय पर मिलना हर बुजुर्ग के लिए सुकून की बात होती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपकी एक छोटी सी लापरवाही पेंशन रोक सकती है? केंद्र सरकार ने हाल ही में राज्यसभा में साफ किया है कि अब डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC) जमा करने की प्रक्रिया पर पैनी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी बुजुर्ग की पेंशन न रुके.
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि सभी बैंकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे उन पेंशनर्स की लिस्ट बनाएं जिन्होंने अपना सर्टिफिकेट जमा नहीं किया है और उनकी मदद करें.
क्या है डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट (DLC)?
साधारण शब्दों में कहें तो यह एक प्रमाण है कि पेंशनभोगी जीवित है. पहले इसके लिए बुजुर्गों को लंबी लाइनों में लगकर बैंक या सरकारी दफ्तर जाना पड़ता था. लेकिन अब ‘जीवन प्रमाण’ पोर्टल के जरिए यह काम ऑनलाइन हो जाता है. इसके बिना आपकी पेंशन रोकी जा सकती है, इसलिए इसे समय पर जमा करना अनिवार्य है.
स्मार्टफोन से चेहरा दिखाकर कैसे होगा काम?
अब आपको अंगूठे के निशान (Biometric) या किसी मशीन की जरूरत नहीं है. सरकार ने ‘फेस ऑथेंटिकेशन’ (Face Authentication) तकनीक शुरू की है. आप अपने स्मार्टफोन के कैमरे से अपना चेहरा स्कैन करके घर बैठे अपना लाइफ सर्टिफिकेट जेनरेट कर सकते हैं. यह तकनीक उन बुजुर्गों के लिए वरदान है जो चलने-फिरने में असमर्थ हैं.
80 साल से अधिक उम्र वालों को क्या छूट है?
80 साल से ऊपर के बुजुर्गों के लिए सरकार ने खास इंतजाम किए हैं:
- वे अपना सर्टिफिकेट अक्टूबर के महीने में ही जमा कर सकते हैं.
- इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक और ग्रामीण डाक सेवक घर आकर सहायता प्रदान करते हैं.
- बीमार या दूर-दराज के इलाकों में रहने वालों के लिए डोरस्टेप बैंकिंग की सुविधा भी उपलब्ध है.
शिकायतों के लिए क्या है इंतजाम?
सरकार केवल सर्टिफिकेट ही नहीं मांग रही, बल्कि समस्याओं का समाधान भी कर रही है. 6 मार्च 2026 तक देश भर में 15 ‘पेंशन अदालतें’ लगाई जा चुकी हैं. इनमें लगभग 27,812 पुरानी शिकायतों को सुना गया और करीब 20,000 मामलों का मौके पर ही निपटारा कर दिया गया.
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