भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 6 अगस्त को शुरुआती कारोबार में हल्की तेजी देखने को मिली. साप्ताहिक एक्सपायरी से पहले निवेशकों का भरोसा मजबूत नजर आया. पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की खबरों से बाजार को सपोर्ट मिला.
ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़ी शिपिंग रूट को लेकर बनी सहमति के बाद निवेशकों की चिंता कुछ कम हुई. इसका असर घरेलू बाजार की चाल पर भी दिखा.
सुबह 9:24 बजे तक बीएसई सेंसेक्स 193 अंक की बढ़त के साथ 78,774 के स्तर पर कारोबार कर रहा था. वहीं, एनएसई निफ्टी 50 इंडेक्स 16 अंक चढ़कर 24,640 पर पहुंच गया.
सेंसेक्स और निफ्टी में तेजी की वजह क्या रही?
बाजार में खरीदारी का रुख इंडेक्स के बड़े शेयरों में मजबूती के कारण बना. रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईसीआईसीआई बैंक, टाइटन, Eternal, एचडीएफसी बैंक, लार्सन एंड टुब्रो और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया जैसे बड़े शेयरों में तेजी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 201 अंक तक ऊपर गया, जबकि निफ्टी 50 ने 24,646 का इंट्राडे हाई छुआ. निवेशकों की नजर गुरुवार की साप्ताहिक एक्सपायरी पर भी रही. फ्यूचर्स और ऑप्शन कॉन्ट्रैक्ट की एक्सपायरी के कारण बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है.
एशियाई बाजारों में क्यों दिखी गिरावट?
जहां भारतीय बाजार बढ़त के साथ खुले, वहीं ज्यादातर एशियाई बाजार दबाव में रहे. एआई से जुड़े शेयरों में बिकवाली के कारण एशियाई बाजारों पर असर पड़ा. SK Hynix, Samsung, Kioxia और Tokyo Electron जैसे एआई से जुड़े शेयरों में गिरावट से निवेशकों का रुख कमजोर रहा.
एशियाई बाजारों की स्थिति:
| बाजार | बदलाव |
| जापान का निक्केई | 1.4% गिरावट |
| दक्षिण कोरिया का KOSPI | 3.6% गिरावट |
| हांगकांग का हैंग सेंग | 1.77% गिरावट |
| चीन का शंघाई कंपोजिट | 0.4% बढ़त |
पश्चिम एशिया की खबरों से बाजार को कैसे मिला सहारा?
शिपिंग रूट को लेकर ईरान और ओमान के बीच समझ बनने की खबर ने कच्चे तेल और वैश्विक व्यापार को लेकर निवेशकों की चिंता कम की है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के अहम समुद्री रास्तों में से एक है, इसलिए यहां किसी भी तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर पड़ता है. इसी वजह से भारतीय बाजार में शुरुआती कारोबार के दौरान सकारात्मक माहौल देखने को मिला.
किन बातों पर रहेगी निवेशकों की नजर?
निवेशक अब साप्ताहिक एक्सपायरी, वैश्विक बाजारों के रुख और पश्चिम एशिया से जुड़ी आगे की खबरों पर नजर बनाए रखेंगे. इसके अलावा बड़े शेयरों की चाल भी बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है.
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