Stock Market Outlook : भारतीय शेयर बाजार के लिए यह सप्ताह काफी उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है. विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक तनाव और आर्थिक आंकड़ों का बाजार पर गहरा असर पड़ेगा. यहां कुछ फैक्टर दिए गए हैं जो इस हफ्ते बाजार की दिशा तय करेंगे.
भू-राजनीतिक तनाव (Geo-political Tensions)
बाजार इस समय अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव के प्रति बेहद संवेदनशील है. ‘एनरिच मनी’ के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, अगर युद्ध की स्थिति में सुधार होता है, तो बाजार में तेजी आएगी, वरना दबाव बना रह सकता है.
कच्चे तेल की कीमतें (Crude Oil Prices)
कच्चा तेल भारतीय बाजार के लिए सबसे बड़ा ‘गेम चेंजर’ है. विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर प्रति बैरल के नीचे बना रहता है, तो निवेशकों को राहत मिलेगी. तेल की कीमतों में उछाल सीधे तौर पर महंगाई और भारतीय रुपये को प्रभावित करता है.
महंगाई के आंकड़े (Inflation Data)
इस सप्ताह भारत और अमेरिका, दोनों देशों के महंगाई (CPI और PPI) के आंकड़े आने वाले हैं.
- भारत का डेटा: यह आरबीआई (RBI) की भविष्य की ब्याज दर नीति का संकेत देगा.
- अमेरिका का डेटा: इससे यह अंदाजा लगेगा कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती कब शुरू करेगा, जिससे वैश्विक बाजारों में निवेश की दिशा तय होगी.
तिमाही नतीजे (Earnings Season)
- कंपनियों के चौथी तिमाही (Q4) के नतीजों का आखिरी दौर चल रहा है. इस हफ्ते कई बड़ी कंपनियां अपने नतीजे पेश करेंगी:
- भारती एयरटेल, केनरा बैंक, टाटा पावर, डीएलएफ, जेएसडब्ल्यू स्टील और एचपीसीएल (HPCL).
- इन कंपनियों के प्रदर्शन का असर संबंधित सेक्टर के शेयरों पर दिखेगा.
विदेशी निवेशकों (FPI/FII) का रुख
विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से लगातार पैसा निकाल रहे हैं. इस महीने अब तक 14,231 करोड़ रुपये की निकासी हो चुकी है. अगर यह बिकवाली जारी रहती है, तो बाजार में रिकवरी मुश्किल होगी.
बाजार का हाल (बीते सप्ताह)
पिछले सप्ताह बाजार में थोड़ी मजबूती दिखी थी. सेंसेक्स 414.69 अंक (0.53%) और निफ्टी 178.6 अंक (0.74%) बढ़कर बंद हुए थे.
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