'देश में पहली बार सिंगापुर की इस कंपनी ने समय पर पूरा किया सरकारी परियोजनाओं का काम'

केंद्रीय बिजली मंत्री सिंह ने 800 मेगावाट क्षमता की तीनों पवन ऊर्जा परियोजनों को सफल तरीके से कार्यान्वयन के लिए कंपनी की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, ‘हम नवीकरणीय ऊर्जा की ओर परिवर्तन चाहते हैं. हम 2022 तक देश में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता 1,75,000 मेगावाट करेंगे. प्रधानमंत्री ने 2030 तक 4,50,000 मेगावाट का दृष्टिकोण दिया है. उन्होंने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत 2.6 करोड़ घरों को बिजली कनेक्शन पहुंचने से बिजली मांग आने वाले दिनों में बढ़ेगी. उन्होंने क्षेत्र में सभी कंपनियों को पारदर्शिता और समान अवसर का अश्वासन दिया.

नयी दिल्ली : भारत में पहली बार सिंगापुर की एक कंपनी ने सोलर एनर्जी कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (सेकी) की ओर से दिए गए तीन परियोजनाओं के काम को समय पर पूरा किया है. बुधवार को बिजली और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने 800 मेगावाट क्षमता की पवन ऊर्जा परियोजनाएं देश को समर्पित की. इन परियोजनाओं का काम सिंगापुर की सेम्बकार्प इंडस्ट्रीज की भारतीय अनुषंगी सेम्बकार्प एनर्जी इंडिया लिमिटेड (एसईआईएल) को दिया गया था. इस कंपनी ने सेकी द्वारा आयोजित बोली में हासिल की गयी सभी परियोजनाएं समय पर पूरा करने का रिकॉर्ड बनाया है.

इस मौके पर डिजिटल तरीके से आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय बिजली मंत्री सिंह ने 800 मेगावाट क्षमता की तीनों पवन ऊर्जा परियोजनों को सफल तरीके से कार्यान्वयन के लिए कंपनी की तारीफ भी की. उन्होंने कहा, ‘हम नवीकरणीय ऊर्जा की ओर परिवर्तन चाहते हैं. हम 2022 तक देश में नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन क्षमता 1,75,000 मेगावाट करेंगे. प्रधानमंत्री ने 2030 तक 4,50,000 मेगावाट का दृष्टिकोण दिया है. उन्होंने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत 2.6 करोड़ घरों को बिजली कनेक्शन पहुंचने से बिजली मांग आने वाले दिनों में बढ़ेगी. उन्होंने क्षेत्र में सभी कंपनियों को पारदर्शिता और समान अवसर का अश्वासन दिया.

इस मौके पर सेम्बकार्प एनर्जी इंडिया के प्रबंध निदेशक विपुल तुली ने कहा, ‘हमने सेकी की तरफ से आयोजित तीन दौर की नीलामी में हासिल तीन परियोजनाओं को समय पर चालू कर अपना वादा पूरा किया है. इसके साथ ही, सेम्बकार्प की भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़कर 1,730 मेगावाट हो गयी है. उन्होंने कहा कि सेम्बकार्प ने करीब 5,500 करोड़ रुपये के निवेश से तमिलनाडु के तुतीकोरिन में 249.9 मेगावाट पवन ऊर्जा परियोजना और गुजरात के भुज में कुल 550 मेगावाट क्षमता की दो परियोजानाएं लगायी हैं.

उन्होंने कहा कि परियोजनाएं 2,600 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हैं, जो दिल्ली के आकार का डेढ़ गुना है. उन्होंने कहा कि कंपनी ने तुतीकोरिन परियोजना 3.50 रुपये प्रति यूनिट की दर पर हासिल की थी. सेकी के दूसरे दौर की नीलामी में भुज में 2.65 रुपये प्रति यूनिट की दर पर 250 मेगावाट और तीसरै दौर की नीलामी में भुज में ही 2.44 रुपये यूनिट पर 300 मेगावाट क्षमता की परियोजना हासिल की थी.

तुली ने कहा कि कंपनी को अपनी बाध्यताओं को पूरा करने का भरोसा है. हम शुल्क को लेकर कोई सट्टाबाजी आधारित रुख नहीं अपनाते. हम तभी पेशकश करते हैं, जब हम वादे को पूरा कर सकते हैं. हालांकि, उन्होंने कहा कि कंपनी तापीय बिजली परियोजना क्षमता विस्तार करने पर गौर नहीं कर रही है. फिलहाल, कंपनी की तापीय बिजली परियोजना 2,640 मेगावाट है.

उन्होंने कहा, ‘सेकी -3 पवन ऊर्जा परियोजना के तहत 300 मेगावाट की परियोजना चालू होने के साथ सेम्बकार्प पहली स्वतंत्र बिजली उत्पादक कंपनी बन गयी है, जिसने सेकी से पहली तीन पवन ऊर्जा परियोजनाओं की नीलामी में आवंटित सभी परियोजनाओं को पूरी तरह से चालू कर दिया है. सेम्बकार्प एनर्जी इंडिया निजी क्षेत्र की प्रमुख स्वतंत्र बिजली उत्पादक कंपनी (आईपीपी) है. इन तीनों परियोजनाओं से 60,000 घरों को बिजली मिलेगी, जबकि 20 लाख टन सालाना से अधिक कार्बन डाईआक्साइड के उत्सर्जन में कमी आएगी.

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Posted By : Vishwat Sen

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