Silver MCX Price: चांदी की कीमतों ने बीते सप्ताह निवेशकों को चौंकाते हुए नया इतिहास रच दिया. वायदा बाजार में चांदी 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई, जो अब तक का सर्वकालिक उच्च स्तर है. बीते एक सप्ताह में इसमें 15% से अधिक की तेजी दर्ज की गई। इस उछाल के पीछे मजबूत औद्योगिक मांग, वैश्विक आर्थिक संकेत और निवेशकों की आक्रामक खरीदारी अहम वजह मानी जा रही है.
एमसीएक्स पर लगातार पांचवें दिन तेजी
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर मार्च 2026 डिलीवरी वाली चांदी लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में चढ़त के साथ बंद हुई. शुक्रवार को यह 18,210 रुपये यानी 8.14% की छलांग लगाकर 2,42,000 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची. हालांकि, मुनाफावसूली के चलते बाद में यह 2,39,787 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई.
एक हफ्ते में 31 हजार रुपये से ज्यादा की बढ़त
छुट्टियों के कारण छोटे रहे इस सप्ताह में 19 दिसंबर के बाद से चांदी की कीमतों में 31,348 रुपये प्रति किलोग्राम यानी 15.04% की तेजी दर्ज की गई. इस दौरान बाजार में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, लेकिन इसके बावजूद कारोबारियों और निवेशकों की ओर से खरीदारी का दबाव बना रहा.
वैश्विक बाजारों में भी दिखा असर
घरेलू बाजार की तरह वैश्विक बाजारों में भी चांदी की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला. कॉमेक्स पर चांदी वायदा पहली बार 79 डॉलर प्रति औंस के स्तर को पार कर गई. मार्च 2026 का सौदा एक ही दिन में 11.2% उछलकर 79.70 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया. हालांकि, बाद में यह 77.19 डॉलर पर बंद हुआ.
2025 में निवेशकों की चांदी
वर्ष 2025 चांदी निवेशकों के लिए बेहद शानदार साबित हुआ है. 31 दिसंबर 2024 को जहां चांदी की कीमत 87,233 रुपये प्रति किलोग्राम थी. वहीं, अब यह करीब 1,52,554 रुपये प्रति किलोग्राम बढ़ चुकी है. इस तरह सालभर में चांदी ने लगभग 175 प्रतिशत का रिटर्न दिया है.
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट
मेहता इक्विटीज के कमोडिटी विभाग के उपाध्यक्ष राहुल कलंत्री के मुताबिक, चांदी अब केवल कीमती धातु नहीं रही. हाई-परफॉर्मेंस टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रॉनिक्स और ग्रीन एनर्जी सेक्टर में इसकी अहम भूमिका, सीमित उपलब्धता और मजबूत औद्योगिक मांग इसके बुनियादी कारकों को मजबूती दे रही है. इसके अलावा, ईटीएफ में निवेश और इक्विटी से जिंस की ओर बढ़ता रुझान भी कीमतों को समर्थन दे रहा है.
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