Share Market Crash: हफ्ते के आखिरी दिन शेयर बाजार में ऐसी बिकवाली आई कि इंवेस्टर्स के पोर्टफोलियो लाल हो गए. अमेरिका से शुरू हुई गिरावट की लहर भारतीय बाजार तक पहुंच गई और देखते ही देखते बीएसई (BSE) का मार्केट कैप करीब 7 लाख करोड़ रुपये कम हो गया. बाजार में मचे इस शोर के बीच रिलायंस, टीसीएस और इंफोसिस जैसी दिग्गज कंपनियों के शेयरों ने सबसे ज्यादा निराश किया.
क्यों आई बाजार में इतनी बड़ी गिरावट?
मार्केट के जानकारों का कहना है कि इस भगदड़ के पीछे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बनी अनिश्चितता एक बड़ी वजह है. आईटी सेक्टर में जिस तरह के बदलाव आ रहे हैं, उससे निवेशक डरे हुए हैं कि पुरानी कंपनियों के बिजनेस मॉडल का क्या होगा. एक्सपर्ट्स का मानना है कि आईटी सेक्टर एक बड़े टर्निंग पॉइंट पर खड़ा है, इसलिए अभी थोड़ा संभलकर चलने की जरूरत है.
सेंसेक्स और निफ्टी का ताजा हाल
बाजार बंद होने तक सेंसेक्स 1048 अंक टूटकर 82,626 के करीब आ गया. वहीं, निफ्टी में भी 336 अंकों की बड़ी गिरावट रही और यह 25,471 पर क्लोज हुआ. सिर्फ आईटी ही नहीं, बल्कि मेटल, रियल्टी और बैंकिंग जैसे हर बड़े सेक्टर में जम कर बिकवाली हुई. हैरानी की बात यह रही कि टॉप 30 शेयरों में से 28 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए, सिर्फ एसबीआई और बजाज फाइनेंस ही अपनी साख बचा पाए.
गुरुवार के मुकाबले शुक्रवार को अरबों का नुकसान
बाजार की इस गिरावट ने तगड़ा झटका दिया है. गुरुवार को जो मार्केट वैल्यू 472.48 लाख करोड़ थी, वह शुक्रवार को गिरकर 465.31 लाख करोड़ रह गई. उधर अमेरिकी बाजार का हाल और भी बुरा है, जहां पिछले तीन दिनों में करीब 90 लाख करोड़ रुपये डूब चुके हैं. टाटा स्टील, टाइटन और हिंदुस्तान यूनिलीवर जैसे बड़े शेयर भी 5% तक टूट गए.
किस सेक्टर में सबसे ज्यादा नुकसान?
शुरुआत में तो लगा कि गिरावट सिर्फ आईटी शेयरों तक सीमित रहेगी, लेकिन धीरे-धीरे एनर्जी, कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और फाइनेंस सर्विसेज भी इसकी चपेट में आ गए. बाजार में चौतरफा बिकवाली हावी रही, जिससे छोटे और बड़े दोनों तरह के इंवेस्टर्स को भारी नुकसान उठाना पड़ा.
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