Shadowfax IPO listing: बेंगलुरु की जानी-मानी डिलीवरी कंपनी शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज के शेयरों ने आज मार्केट में उम्मीद से थोड़ी फीकी शुरुआत की है. 28 जनवरी को NSE पर कंपनी का शेयर 112.60 रुपये पर लिस्ट हुआ, जो इसके ओरिजिनल प्राइस 124 रुपये से करीब 9.19% कम है. आसान भाषा में कहें तो, जिन लोगों को IPO अलॉट हुआ था, उन्हें शुरुआत में ही प्रति शेयर लगभग 11 रुपये का घाटा देखना पड़ा. BSE पर भी हाल कुछ ऐसा ही रहा और शेयर 113 रुपये पर ओपन हुआ.
ग्रे मार्केट का अंदाजा क्यों फेल हुआ?
लिस्टिंग से पहले कयास लगाए जा रहे थे कि शेयर शायद थोड़े फायदे में खुलेगा, लेकिन पिछले कुछ दिनों में ग्रे मार्केट का क्रेज ठंडा पड़ गया. 15 जनवरी को जो मुनाफा 12% से ज्यादा दिख रहा था, वो लिस्टिंग के दिन तक आते-आते एकदम गायब हो गया. हालांकि, इस कमजोर शुरुआत के बाद भी कंपनी की कुल मार्केट वैल्यू 6,509.78 करोड़ रुपये आंकी गई है. कंपनी ने इस IPO के जरिए कुल 1,907 करोड़ रुपये जुटाए हैं, जिसका इस्तेमाल वो अपना नेटवर्क बढ़ाने और नई टेक्नोलॉजी लाने में करेगी.
क्या कंपनी का बिजनेस घाटे का सौदा है?
ऐसा बिल्कुल नहीं है. शैडोफैक्स टेक्नोलॉजीज का काम बेहद अच्छा है. ये स्विगी, ब्लिंकइट, फ्लिपकार्ट और मीशो जैसी बड़ी कंपनियों के लिए डिलीवरी करती है. देशभर के 2,300 से ज्यादा शहरों में इनका नेटवर्क फैला है. एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी का एसेट-लाइट मॉडल (बिना खुद की गाड़ियां खरीदे काम करना) काफी स्मार्ट है. लेकिन दिक्कत ये है कि इनकी 50% कमाई सिर्फ एक ही बड़े क्लाइंट से आती है, जो थोड़ा रिस्की है. साथ ही, दिल्लीवरी (Delhivery) जैसी कंपनियों के मुकाबले इनकी कीमत थोड़ी ज्यादा लग रही है.
तो अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?
अगर आप एक यंग इन्वेस्टर हैं और रिस्क ले सकते हैं, तो घबराने की जरूरत नहीं है. मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, जो लोग लंबे समय के लिए निवेश करना चाहते हैं, वो इसे होल्ड कर सकते हैं क्योंकि ई-कॉमर्स और क्विक-कॉमर्स का जमाना अभी शुरू ही हुआ है. लेकिन जो लोग सिर्फ एक-दो दिन में पैसा कमाना चाहते थे, उनके लिए ये लिस्टिंग थोड़ी मायूस करने वाली है. नए खरीदारों को सलाह है कि वो अभी थोड़ा रुकें और देखें कि शेयर की कीमत कहां जाकर टिकती है.
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