सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI का मुनाफा घटा, NIM में गिरावट बनी चिंता

SBI: एसबीआई का मुनाफा जनवरी-मार्च 2025 तिमाही में 8.34% घटकर 19,600 करोड़ रुपये रह गया. शुद्ध ब्याज मार्जिन में गिरावट और बढ़ती जमा लागत प्रमुख कारण रहे. बैंक ने 12-13% ऋण वृद्धि का लक्ष्य रखा है, लेकिन नीति दरों और वैश्विक अनिश्चितताओं से एनआईएम पर दबाव जारी रहेगा.

SBI Profit Fall: सार्वजनिक क्षेत्र के अग्रणी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष 2024-25 की चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च) में 8.34% की गिरावट के साथ 19,600 करोड़ रुपये का एकीकृत शुद्ध लाभ दर्ज किया. पिछले साल की समान तिमाही में यह लाभ 21,384 करोड़ रुपये था. बैंक के अनुसार, नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) में गिरावट इस कमी का प्रमुख कारण है.

शुद्ध ब्याज आय में मामूली बढ़त, लेकिन लाभ में गिरावट

बैंक का शुद्ध लाभ एकल आधार पर भी गिरकर 18,642 करोड़ रुपये रह गया, जो कि पिछले वर्ष की समान तिमाही में 20,698 करोड़ रुपये था. हालांकि, 12% से अधिक की ऋण वृद्धि के बावजूद मुख्य शुद्ध ब्याज आय (NII) में केवल 2.69% की बढ़त दर्ज की गई, जो 42,775 करोड़ रुपये रही. इस गिरावट की वजह शुद्ध ब्याज मार्जिन में 0.32% की कमी है, जो अब घटकर 3.15% पर आ गया है.

चौथी तिमाही (जनवरी-मार्च 2025) के हाइलाइट्स

  • एकीकृत शुद्ध लाभ: 19,600 करोड़ रुपये (8.34% की गिरावट)
  • शुद्ध ब्याज आय (NII): 42,775 करोड़ रुपये (2.69% वृद्धि)
  • नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM): 3.15% (0.32% की गिरावट)
  • कुल आय: 1,79,562 करोड़ रुपये (वृद्धि)
  • अन्य आय: 24,210 करोड़ रुपये (पिछले वर्ष ₹17,369 करोड़)

भविष्य में NIM पर रहेगा दबाव

एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा कि आगामी वित्त वर्ष में NIM पर दबाव बना रहेगा. खासकर, RBI की ओर से ब्याज दरों में संभावित कटौती के बाद यह जारी रहेगा. उन्होंने यह भी बताया कि बैंक की करीब 27% ऋण बुक रेपो रेट से जुड़ी हुई है, जिससे दरों में बदलाव का असर सीधा पड़ता है.

  • नीतिगत दरों का असर पूरी तरह देखने में 12–18 महीने लग सकते हैं.
  • ऋण वृद्धि के लिए बैंक ने 12–13% का लक्ष्य रखा है.
  • फीस वॉर और वैश्विक अनिश्चितताओं से भी बैंक की विकास दर प्रभावित हो सकती है.

कॉरपोरेट ऋण और नई ऋण मांग पर फोकस

वर्तमान में एसबीआई के पास 3.4 लाख करोड़ रुपये की कॉरपोरेट ऋण पाइपलाइन है, जिसमें पहले से स्वीकृत और संभावित लोन शामिल हैं.
बैंक के एमडी अश्विनी कुमार तिवारी के अनुसार, ऋण की मांग इन क्षेत्रों से आ रही है.

  • बुनियादी ढांचा परियोजनाएं
  • नवीकरणीय ऊर्जा
  • डेटा सेंटर्स
  • वाणिज्यिक रियल एस्टेट

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पर्सनल लोन में भी दिखा भरोसा

वित्त वर्ष 2024-25 की मार्च तिमाही में बैंक ने असुरक्षित व्यक्तिगत ऋणों में 0.49% की वृद्धि की है. चेयरमैन शेट्टी ने कहा कि बैंक इस क्षेत्र में आक्रामक रूप से विस्तार करेगा, क्योंकि फिलहाल इसमें कोई बड़ा जोखिम नजर नहीं आ रहा.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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