Salary in America: भारत में प्राइवेट सेक्टर की नौकरी करने वाले ज्यादातर लोगों की एक ही शिकायत रहती है काम बहुत है, लेकिन सैलरी जरूरत से भी कम. हर महीने जैसे-तैसे खर्च पूरे करना और कुछ बचत करने की कोशिश करना ही आम मध्यमवर्गीय जीवन की सच्चाई है. ऐसे में विदेश जाकर काम करने का सपना बहुत से भारतीयों के मन में होता है, खासकर अमेरिका जैसे विकसित देश में. मान लीजिए कोई भारतीय अमेरिका में नौकरी कर रहा है और उसे हर महीने $1,000 सैलरी मिल रही है. अब अगर इसे भारतीय रुपये में कन्वर्ट किया जाए तो
1 USD ≈ ₹85.72 (जुलाई 2025 के अनुसार) $1,000 x ₹85.72 = ₹85,721.68 प्रतिमाह.
जी हां, ₹अस्सी हजार से ज्यादा की सैलरी हर महीने.
सुनने में तो यह कमाई किसी लॉटरी से कम नहीं लगती, लेकिन इसकी असली तस्वीर उतनी सरल नहीं है.
खर्चे भी उसी हिसाब से
अमेरिका में रहने का खर्च भारत की तुलना में बहुत ज्यादा होता है. उदाहरण के लिए
- किराया: न्यूयॉर्क या सैन फ्रांसिस्को जैसे शहरों में 1 BHK अपार्टमेंट का किराया $1,800 से $3,000 प्रति माह तक हो सकता है (₹1.5 लाख से ₹2.5 लाख).
- हेल्थ इंश्योरेंस: अमेरिका में बीमार होना बहुत महंगा है. हेल्थ इंश्योरेंस के लिए $300–$800 (₹25,000–₹65,000) महीने देने पड़ सकते हैं.
- टैक्स: अमेरिका में आयकर (Income Tax) 10% से लेकर 37% तक हो सकता है, जो आपकी इनकम पर निर्भर करता है.
- जीवनशैली खर्च: खाने-पीने, ट्रैवल, गैजेट्स और सर्विसेस सब महंगे हैं.
भारत बनाम अमेरिका
| खर्च के सोर्स | भारत | अमेरिका |
|---|---|---|
| औसत सैलरी | ₹30,000–₹60,000 | $4,000–$10,000 |
| आयकर | 5%–30% | 10%–37% |
| हेल्थ इंश्योरेंस | ₹0–₹5,000 | ₹25,000–₹65,000 |
| घर का किराया | ₹10,000–₹25,000 | ₹1.5L–₹2.5L |
