Rupee vs Dollar: पिछले कई हफ्तों से लगातार गिर रहे भारतीय रुपये के लिए सोमवार (30 मार्च) की सुबह राहत भरी खबर लेकर आई. डॉलर के मुकाबले रुपया आज 1.4% की मजबूती के साथ 93.47–93.59 के स्तर पर खुला. यह सुधार रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा उठाए गए एक सख्त कदम का नतीजा है, जिसने बाजार में सट्टेबाजी (Speculation) करने वालों पर लगाम लगा दी है.
अचानक क्यों आई रुपये में तेजी?
रुपये की मजबूती के पीछे RBI का नया नियम है. RBI ने बैंकों को निर्देश दिया है कि वे बाजार बंद होने तक अपने ‘नेट ओपन पोजीशन’ (विदेशी मुद्रा का स्टॉक) को 100 मिलियन डॉलर से ज्यादा नहीं रख सकते. सरल शब्दों में कहें तो, बैंक अब डॉलर को रोककर या बड़े दांव लगाकर रुपये पर दबाव नहीं डाल पाएंगे. उन्हें 10th अप्रैल तक इन नियमों का पालन करना होगा, जिसकी वजह से बैंकों ने आज भारी मात्रा में डॉलर की बिक्री शुरू कर दी.
क्या है वो ‘आर्बिट्रेज’ खेल जिसे RBI ने रोका?
अब तक कई बैंक भारत के बाजार से सस्ते में डॉलर खरीदकर विदेशों (Offshore Market) में महंगे दाम पर बेचकर मुनाफा कमा रहे थे. इसे ‘आर्बिट्रेज’ ट्रेड कहते हैं. इस खेल की वजह से भारत में डॉलर की कमी हो रही थी और रुपया गिर रहा था. आज जब बैंकों को अपनी इन पोजीशन को बंद करना पड़ा, तो बाजार में डॉलर की सप्लाई बढ़ गई और रुपया मजबूत हो गया.
ईरान युद्ध और कच्चे तेल का क्या असर होगा?
रुपये के लिए राह अभी भी आसान नहीं है. ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के कारण इंटरनेशनल मार्केट में कच्चा तेल (Brent Crude) 115 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल इंपोर्ट करता है, जिसके लिए उसे डॉलर में भुगतान करना पड़ता है. तेल महंगा होने का सीधा मतलब है रुपये पर फिर से दबाव बढ़ना.
शेयर बाजार और आम आदमी पर क्या प्रभाव है?
जहां एक तरफ रुपया संभला, वहीं शेयर बाजार में आज कोहराम मचा रहा. सेंसेक्स 1,000 अंक से ज्यादा और निफ्टी करीब 370 अंक गिरकर खुला. विदेशी निवेशकों द्वारा पैसा निकालने और युद्ध की आशंका ने निवेशकों को डरा दिया है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि जब तक कच्चे तेल की कीमतें कम नहीं होतीं, तब तक रुपये और बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा.
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