Rupee vs Dollar: ग्लोबल टेंशन और कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी तेजी का सीधा असर भारतीय मुद्रा पर पड़ा है. सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 49 पैसे टूटकर ₹93.32 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो आयात महंगा होने से देश में महंगाई की नई लहर आ सकती है.
रुपये में गिरावट के 3 प्रमुख कारण
- कच्चे तेल में उबाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 7.28% उछलकर 102.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. तेल की बढ़ती कीमतों के कारण डॉलर की मांग बढ़ी है, जिससे रुपया कमजोर हुआ.
- डॉलर इंडेक्स की मजबूती: दुनिया की 6 प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति दिखाने वाला सूचकांक 0.38% बढ़कर 98.81 पर पहुंच गया है.
- शेयर बाजार में ‘ब्लैक मंडे’: घरेलू शेयर बाजार में आज जबरदस्त बिकवाली देखी जा रही है. सेंसेक्स 1600 अंक से ज्यादा टूट गया है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगाया है.
| इंडिकेटर | मौजूदा स्थिति | बदलाव / गिरावट |
| भारतीय रुपया (INR) | ₹93.32 | 49 पैसे की गिरावट ↓ |
| सेंसेक्स (Sensex) | 75,949.52 | 1600.73 अंक ↓ |
| निफ्टी (Nifty) | 23,581.75 | 468.85 अंक ↓ |
| ब्रेंट क्रूड (Oil) | $102.13 | 7.28% की बढ़त ↑ |
| डॉलर इंडेक्स | 98.81 | 0.38% की बढ़त ↑ |
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