Retail Inflation Target: भारत सरकार ने अगले 5 सालों (1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031) के लिए रिटेल महंगाई दर (Retail Inflation) का लक्ष्य फिर से 4% तय किया है. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, महंगाई को कम से कम 2% और ज्यादा से ज्यादा 6% के दायरे में रखना होगा. यह फैसला रिजर्व बैंक (RBI) को कीमतों पर काबू रखने के लिए एक स्पष्ट दिशा देता है.
क्या है सरकार का नया आदेश?
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले आर्थिक मामलों के विभाग ने 25 मार्च, 2026 को यह आधिकारिक आदेश जारी किया. सरकार ने RBI एक्ट, 1934 की धारा 45ZA का इस्तेमाल करते हुए, रिजर्व बैंक के साथ सलाह-मशवरा करके यह फैसला लिया है. इसका सीधा मतलब है कि देश की ‘मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी’ (MPC) को अगले पांच साल भी मौजूदा नियमों के तहत ही काम करना होगा ताकि आम जनता की जेब पर बोझ न बढ़े.
अभी देश में महंगाई का क्या हाल है?
ताजा आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी 2026 में रिटेल महंगाई दर 3.21% रही, जो सरकार के 4% के लक्ष्य के काफी करीब और सुरक्षित दायरे में है. ग्रामीण इलाकों में यह 3.37% और शहरों में 3.02% दर्ज की गई. अच्छी बात यह है कि जनवरी के मुकाबले फरवरी में टमाटर, मटर और फूलगोभी जैसी सब्जियों के दाम में 10% से ज्यादा की गिरावट आई है, जिससे रसोई का बजट संतुलित रहा.
किन राज्यों में सबसे ज्यादा है महंगाई?
आंकड़ों से पता चला है कि तेलंगाना, राजस्थान, केरल, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल ऐसे टॉप 5 राज्य हैं जहां फरवरी 2026 में महंगाई दर सबसे अधिक दर्ज की गई. सरकार यह डेटा देश के 1465 गांवों और 1407 शहरी बाजारों से हर हफ्ते इकट्ठा करती है, ताकि कीमतों की सटीक जानकारी मिल सके.
आम आदमी के लिए इसका क्या मतलब है?
महंगाई का लक्ष्य 4% पर स्थिर रखने का मतलब है कि सरकार और RBI मिलकर यह सुनिश्चित करेंगे कि बाजार में चीजों के दाम अचानक न बढ़ें. इससे ब्याज दरों को स्थिर रखने और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में मदद मिलती है. अब सबकी नजरें 13 अप्रैल, 2026 पर टिकी हैं, जब मार्च महीने के महंगाई दर के नए आंकड़े जारी किए जाएंगे.
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