Fact Check: RBI गवर्नर के नाम पर लोगों को ठग रहे साइबर क्रिमिनल, आपके पास भी तो नहीं आया ऐसा VIDEO

सोशल मीडिया में आरबीआई गवर्नर का जो वीडियो वायरल हो रहा है, वीडियो में बताया जा रहा है कि अगर मोबाइल चोरी हो जाती है या फिर कहीं गुम हो जाती है और उसमें गूगल पे, पेटीएम जैसे वॉलेट लॉगइन हैं, तो बिना मोबाइल के कैसे उसे ब्लॉक करें.

सोशल मीडिया पर लोगों को ठगने के लिए साइबर क्रिमिनल रोजाना नये-नये हथकंडे अपनाते रहते हैं. इस बार उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के गवर्नर को ही अपना जरिया बना लिया. दरअसल इस समय आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वह लोगों को मोबाइल फोन चोरी हो जाने या गुम हो जाने की स्थिति में क्या करें, इस बारे में बता रहे हैं. हम आपको आरबीआई गवर्नर के वायरल वीडियो के बारे में यहां बताने वाले हैं. वीडियो में जो बताया जा रहा है, उसमें कितनी सचाई है, यह भी हम यहां बतायेंगे.

क्या है आरबीआई गवर्नर के वायरल वीडियो में

सोशल मीडिया में आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास का जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें वह लोगों को बता रहे हैं कि मोबाइल चोरी हो जाने की स्थिति में क्या करें. वीडियो में बताया जा रहा है कि अगर मोबाइल चोरी हो जाती है या फिर कहीं गुम हो जाती है और उसमें गूगल पे, पेटीएम जैसे वॉलेट लॉगइन हैं, तो बिना मोबाइल के कैसे उसे ब्लॉक करें. ब्लॉक करने के लिए कुछ नंबर बताये जा रहे हैं, जिसपर फोन करने की सलाह दी जा रही है.


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क्या वीडियो की सचाई

दरअसल आरबीआई गवर्नर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पीआईबी फैक्ट ने इसकी पड़ताल की और बताया गया कि वीडियो पूरी तरह से फेक है. पीआईबी फैक्ट चेक ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से वीडियो शेयर किया और लिखा, यहां आरबीआई गवर्नर के एक अलग वीडियो का गलत संदर्भ में प्रयोग किया गया है. पीआईबी की टीम ने वीडियो को भ्रामक बताया. वीडियो में जो आवाज सुनाई दे रही है, वह भी आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास की नहीं है.

फेक वीडियो या वायरल मैसेज से रहें सावधान

हमेशा लोगों को जागरुक किया जाता है कि सोशल मीडिया में वायरल हो रहे मैसेज या वीडियो पर एकदम से विश्वास करने से हमेशा बचना चाहिए. पहले उसकी पड़ताल कर लेनी चाहिए, तब ही उसे अन्य के पास शेयर करना चाहिए. आजकल साइबर अपराधी लोगों को अपनी जाल में फंसाने के लिए कई तरह के हथकंडेअपनाते रहते हैं.

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लेखक के बारे में

By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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