नयी दिल्ली : भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने मास्टरकार्ड एशिया/पैसिफिक पीटीआई के खिलाफ कार्रवाई करते हुए आज बुधवार को प्रतिबंध लगा दिया है. साथ ही मास्टर कार्ड को 22 जुलाई, 2021 से नये घरेलू ग्राहकों (डेबिट, क्रेडिट या प्रीपेड) को शामिल करने पर भी रोक लगा दी है.
आरबीआई ने कहा है कि काफी समय बीतने और पर्याप्त अवसर दिये जाने के बावजूद इकाई को गैर-अनुपालक पाया गया है. आरबीआई ने मास्टरकार्ड की ओर से पेमेंट सिस्टम डेटा के स्थानीय स्टोरेज नियमों का पालन नहीं करने के कारण कार्रवाई की है.
हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि मास्टरकार्ड धारक मौजूदा ग्राहकों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा. मास्टरकार्ड सभी कार्ड जारी करनेवाले बैंकों और गैर-बैंकों को इन निर्देशों का पालन करने की सलाह देगा.
आरबीआई ने यह कार्रवाई भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम-2007 (पीएसएस अधिनियम) की धारा-17 के तहत निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए कार्रवाई की है. मालूम हो कि मास्टरकार्ड एक भुगतान प्रणाली ऑपरेटर है, जो पीएसएस अधिनियम के तहत देश में कार्ड नेटवर्क संचालित करता है.
भुगतान प्रणाली डेटा के भंडारण को लेकर आरबीआई ने छह अप्रैल, 2018 को सभी सिस्टम प्रदाताओं को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया था कि छह माह के अंदर सभी डेटा उनके द्वारा संचालित भुगतान प्रणालियों से संबंधित संदेश/भुगतान केवल भारत में एक प्रणाली में संग्रहीत किया जाता है.
साथ ही उन्हें आरबीआई को अनुपालन की रिपोर्ट करने और समय सीमा के अंदर सीईआरटी-इन पैनल में शामिल ऑडिटर द्वारा आयोजित बोर्ड-अनुमोदित सिस्टम ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने की आवश्यकता थी.
