Rail One App: आ गया रेलवे का सुपर ऐप, ट्रेन टिकट बुकिंग से लेकर माल ढुलाई तक की सुविधा

Rail One App: भारतीय रेलवे ने 1 जुलाई 2025 को 'रेल वन' नामक सुपर ऐप लॉन्च किया, जो यात्रियों को टिकट बुकिंग, ट्रेन ट्रैकिंग, कोच पोजिशन, रिफंड, ऑनबोर्ड फूड ऑर्डर और माल ढुलाई जैसी सभी प्रमुख सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है. यह ऐप यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस, आर-वॉलेट और मल्टीलैंग्वेज सपोर्ट जैसी सुविधाओं से लैस है. रेल कनेक्ट, यूटीएस और रेल मदद जैसे ऐप अब एक जगह समाहित हैं, जिससे यात्रियों को सहज, तेज और आधुनिक डिजिटल अनुभव मिलेगा.

Rail One App: ट्रेन से सफर करने वाले कृपया ध्यान दें. अब ट्रेनों का टिकट बुक कराने के लिए अधिक माथामारी नहीं करनी पड़ेगी. इसका कारण यह है कि भारतीय रेलवे ने 1 जुलाई 2025 को यात्रियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से ‘RailOne (रेलवन)’ नामक एक सुपर ऐप लॉन्च किया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा लॉन्च किया गया यह ऐप सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) की ओर से विकसित किया गया है. यह ऐप रेलवे की सभी प्रमुख सेवाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर लाकर यात्रियों को तेज, सरल और सुविधाजनक अनुभव प्रदान करता है.

रेलवन ऐप में क्या-क्या मिलेगा

  • सिंगल साइन-ऑन: रेल वन ऐप पर पंजीकरण प्रक्रिया बेहद सरल है. यूजर्स अपने आईआरसीटीसी रेल कनेक्ट या यूटीएस ऑन मोबाइल के पुराने लॉगइन का इस्तेमाल कर सकते हैं. नए यूजर्स केवल मोबाइल नंबर और ओटीपी के जरिए गेस्ट लॉगइन कर सकते हैं.
  • आर-वॉलेट: रेलवे का खुद का डिजिटल वॉलेट होगा, जिससे यूजर्स एमपिन या बायोमेट्रिक लॉगइन के जरिए सुरक्षित तरीके से भुगतान कर सकते हैं. यह टिकट बुकिंग, फूड ऑर्डरिंग और अन्य सेवाओं के लिए फायदेमंद है.
  • मल्टी-लैंग्वेज सपोर्ट: रेलवन ऐप हिंदी और अंग्रेजी समेत कई भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है, जिससे यह सभी क्षेत्रों के यात्रियों के लिए उपयोगी बनता है.

रेल वन ऐप की प्रमुख सुविधाएं

  • सभी टिकट बुकिंग एक जगह: रेल वन ऐप से आरक्षित, अनारक्षित, और प्लेटफॉर्म टिकट बुक किए जा सकते हैं. “प्लान माई जर्नी” फीचर के जरिए यात्री अपनी यात्रा की योजना आसानी से बना सकते हैं.
  • ट्रेन ट्रैकिंग और पीएनआर स्टेटस: यह ऐप रियल टाइम ट्रेन लोकेशन, विलंब की जानकारी और पीएनआर स्टेटस जैसी सेवाएं देता है. इससे यात्रियों को अपनी ट्रेन की स्थिति जानने में सुविधा होती है.
  • कोच पोजीशन फाइंडर: कोच की स्थिति पहले से जानने से यात्रियों को स्टेशन पर सही गेट पर खड़े होने में मदद मिलती है.
  • रेल मदद सेवा: रेल मदद सेवा ऐप में ही यूनिफाइड है, जिससे यात्री शिकायत दर्ज कर, उनकी स्थिति ट्रैक कर सकते हैं.
  • ऑनबोर्ड फूड ऑर्डरिंग: यात्री अपनी सीट पर बैठकर ही पार्टनर वेंडरों से भोजन ऑर्डर कर सकते हैं.
  • रिफंड मैनेजमेंट: रद्द या छूटी ट्रेनों के लिए रिफंड प्रक्रिया अब ऐप पर ही तेजी से और पारदर्शी तरीके से संभव है.
  • मालगाड़ी सेवाएं: माल ढुलाई से जुड़ी जानकारी जैसे बुकिंग और शेड्यूलिंग की जानकारी भी ऐप के माध्यम से ली जा सकती है.

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रेल वन ऐप की दूसरी प्रमुख विशेषताएं

  • डिवाइस स्टोरेज की बचत: अब आईआरसीटीसी, यूटीएस, रेल मदद और एनटीईएस जैसे ऐप अलग-अलग रखने की जरूरत नहीं. एक रेल वन ऐप में सब मिला हुआ है.
  • तत्काल बुकिंग के लिए वेरिफिकेशन जरूरी: 1 जुलाई 2025 से तत्काल टिकट बुकिंग केवल आधार या डिजिलॉकर वेरिफाइड यूजर्स ही कर सकेंगे. इससे धोखाधड़ी की संभावना कम होगी.
  • आधुनिक बुकिंग इंफ्रास्ट्रक्चर: रेलवे की नई आरक्षण प्रणाली दिसंबर 2025 तक प्रति मिनट 1.5 लाख टिकट बुकिंग और 40 लाख पूछताछ को प्रोसेस कर सकेगी. यह दिव्यांग, छात्र और मरीजों के लिए भी विशेष सुविधा प्रदान करेगा.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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