सरकार ने रबी सीजन का MSP बढ़ाया, किसानों को फायदा, महंगाई स्थिर रहेगी

MSP: सरकार ने रबी सीजन के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) बढ़ाया है. गेहूं, चना, मसूर और सरसों जैसी फसलों के MSP में 4% से 10% तक वृद्धि हुई है. इससे किसानों को फायदा मिलेगा, जबकि महंगाई पर असर सीमित रहेगा.

MSP: त्योहारों के मौसम में केंद्र सरकार ने किसानों के लिए बड़ा तोहफा दिया है. रबी फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी का ऐलान किया गया है. हालांकि यह फैसला किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि खुदरा महंगाई पर इसका असर सीमित रहेगा. ICICI बैंक ग्लोबल मार्केट्स की रिपोर्ट ने साफ किया है कि पर्याप्त बफर स्टॉक और अच्छे जलाशय स्तर की वजह से महंगाई में उछाल की संभावना कम है.

2026-27 रबी सीजन के लिए MSP में बढ़ोतरी

1 अक्टूबर 2025 को केंद्र ने रबी विपणन सीजन 2026-27 के लिए संशोधित MSP घोषित किए. इसमें गेहूं, जौ, चना, मसूर, सरसों और सूरजमुखी जैसी प्रमुख फसलों के दाम 4% से लेकर 10.1% तक बढ़ाए गए हैं.

  • गेहूं: ₹2,585 प्रति क्विंटल (+6.6%)
  • जौ: ₹2,150 प्रति क्विंटल (+8.6%)
  • चना: ₹5,875 प्रति क्विंटल (+4.0%)
  • मसूर: ₹7,000 प्रति क्विंटल (+4.5%)
  • सरसों/रायड़ा: ₹6,200 प्रति क्विंटल (+4.2%)
  • सूरजमुखी: ₹6,540 प्रति क्विंटल (+10.1%)

उत्पादन लागत से अधिक समर्थन मूल्य

2018-19 के बजट में सरकार ने वादा किया था कि MSP उत्पादन लागत से कम से कम 50% अधिक होगा. इस बार भी वही नीति अपनाई गई है. उदाहरण के तौर पर गेहूं का MSP उत्पादन लागत से 109% ज्यादा है, मसूर में 89% और सरसों में 93% का मार्जिन दिया गया है. इससे किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर दाम मिलेगा और फसल विविधीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा.

महंगाई पर असर सीमित क्यों?

MSP बढ़ोतरी से खाद्य कीमतों पर दबाव आने की संभावना रहती है, लेकिन रिपोर्ट कहती है कि इस बार इसका असर सीमित रहेगा. वजहें हैं:

  • पर्याप्त बफर स्टॉक का होना
  • जलाशयों में अच्छे जलस्तर
  • आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता

कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) के हिसाब से औसत MSP बढ़ोतरी 5.6% रही है, जो 2025-26 की 5.9% और 2024-25 की 5.8% की तुलना में कम है. इसका अर्थ है कि इस बार MSP बढ़ोतरी खुदरा महंगाई को ज्यादा नहीं बढ़ाएगी. MSP बढ़ोतरी किसानों के लिए लाभकारी साबित होगी क्योंकि उन्हें फसलों का बेहतर दाम मिलेगा. वहीं उपभोक्ताओं के लिए राहत की बात यह है कि रोजमर्रा की खाद्य वस्तुओं की कीमतों में अचानक उछाल की संभावना कम है.

Also Read: अब चेक का पैसा मिलेगा फटाफट, RBI ने बदले क्लियरेंस के नियम

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Abhishek pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले तीन वर्षों से प्रभात खबर में डिजिटल जर्नलिस्ट के तौर पर काम कर रहे हैं। वे बिजनेस और अर्थव्यवस्था से जुड़ी खबरों को आसान भाषा में पाठकों तक पहुंचाने का काम करते हैं। शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, MSME, कृषि और इंडस्ट्री जैसे विषयों पर उनकी अच्छी पकड़ है। वे रिसर्च के साथ ऐसी खबरें और एक्सप्लेनर तैयार करते हैं, जिन्हें आम लोग भी आसानी से समझ सकें। इसके अलावा यूटिलिटी न्यूज और सक्सेस स्टोरीज लिखने में भी उनकी खास रुचि है।

पत्रकारिता अनुभव

अभिषेक ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से की है, जिसे पत्रकारिता की दुनिया में 'दादा माखनलाल की बगिया' भी कहा जाता है।

करियर की शुरुआत उन्होंने राजस्थान पत्रिका के साथ की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को करीब से समझा। इसके बाद वे प्रभात खबर से जुड़े और पिछले तीन वर्षों से डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में काम कर रहे हैं।

इस दौरान उन्होंने बिजनेस, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग, बजट, सरकारी योजनाएं, कृषि, MSME और अर्थव्यवस्था से जुड़े कई अहम विषयों पर रिपोर्टिंग और रिसर्च आधारित लेख लिखे हैं। इसके अलावा वे वीडियो स्क्रिप्टिंग, एक्सप्लेनर स्टोरी, डेटा स्टोरी और डिजिटल कंटेंट पर भी लगातार काम करते हैं। उनकी कोशिश रहती है कि जटिल आर्थिक और वित्तीय विषयों को आसान और भरोसेमंद भाषा में पाठकों और दर्शकों तक पहुंचाया जाए।

शिक्षा

अभिषेक पाण्डेय ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय (MCU), भोपाल से पत्रकारिता एवं जनसंचार की पढ़ाई की है। यहां उन्होंने रिपोर्टिंग, डिजिटल मीडिया, न्यूज़ राइटिंग, वीडियो प्रोडक्शन और मल्टीमीडिया जर्नलिज्म की बारीकियां सीखीं, जिनका इस्तेमाल वे आज अपनी पत्रकारिता में कर रहे हैं।

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >