PM Kisan 12th Installment: इस दिन आयेगी पीएम किसान की 12वीं किस्त, ये काम नहीं किया तो अटक सकता है पैसा

किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्त इस महीने के अंत तक जारी की जाएगी और जिन किसानों का भूलेख अंकन और स्थलीय सत्यापन का कार्य पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड होगा, उन्हें ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा.

देश के करोड़ों किसान प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (Prime Minister Kisan Samman Nidhi) के तहत मिलने वाली 12वीं किस्त का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. सरकार किसानों के बैंक अकाउंट में प्रधानमंत्री मानधन योजना की 11वीं ट्रांसफर कर चुकी है.

सितंबर के आखिर तक जारी होगी 12वीं किस्त

बताया जा रहा है कि किसान सम्मान निधि की 12वीं किस्त इस महीने के अंत तक जारी की जाएगी और जिन किसानों का भूलेख अंकन और स्थलीय सत्यापन का कार्य पीएम किसान पोर्टल पर अपलोड होगा, उन्हें ही इस योजना का लाभ दिया जाएगा.

किसान सम्मान निधि के लिए e-KYC बेहद जरूरी

किसान सम्मान निधि का लाभ लेने के लिए किसानों को e-KYC कराना जरूरी है. पहले इसके लिए आखिरी तारीख 31 अगस्त 2022 तय किया गया था. लेकिन सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए इसकी आखिरी तारीख हटा दी है. यानी किसान e-KYC आसानी से अब भी करा सकते हैं.

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क्या है किसान सम्मान निधि

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केन्‍द्र सरकार की महत्‍वाकांक्षी योजना है. इस योजना के तहत छोटे और सीमान्त किसानों को सलाना न्यूनतम छह हजार रुपये दिये जाते हैं. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 24 फरवरी 2019 को उत्‍तर प्रदेश में यह योजना गोरखपुर से शुरू की थी और एक करोड़ किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये की पहली किस्‍त भेजी गयी थी. इस योजना के तहत हर पात्र किसान को तीन किश्तों में भुगतान किया जाता है और सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में जमा की जाती है.

इस स्थिति में किसानों को नहीं मिलेगा पीएम किसान का पैसा

प्रधानमंत्री सम्मान निधि के तहत लाभार्थी किसान अगर आयकर भरते हैं, तो वैसे स्थिति में अपात्र घोषित हो सकते हैं. जबकि कई मामलों में पति और पत्नी दोनों को ही इस निधि का लाभ प्राप्त हो रहा था जबकि नियमानुसार उनमें से किसी एक को ही इस योजना का लाभ‍ दिया जा सकता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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