PM Kisan Samman Nidhi : भारत सरकार ने साल 2026-27 के लिए कृषि और किसान कल्याण के क्षेत्र में अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया है. खेती को अधिक मुनाफे का सौदा बनाने और किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने की दिशा में PM-किसान सम्मान निधि योजना को सबसे बड़ा हथियार बनाया गया है.
इस वित्तीय वर्ष में सरकार ने न केवल ₹63,500 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित किया है, बल्कि योजना की पहुंच को 100% पारदर्शी बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया है. इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के अन्नदाता को बीज, खाद और मशीनरी जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए किसी के आगे हाथ न फैलाना पड़े और वे अपनी खेती को आधुनिक तकनीक से जोड़ सकें.
सीधे खातों में पहुंचेगी मदद
सरकार का लक्ष्य इस साल करीब 9.5 करोड़ किसानों को इस योजना से जोड़ना है. खुशी की बात यह है कि ₹63,500 करोड़ की यह पूरी राशि बिना किसी बिचौलिये के, सीधे किसानों के बैंक खातों (DBT) में भेजी जाएगी. मंत्रालय का मानना है कि यह आर्थिक मदद सिर्फ कमाई बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि खेती की लागत निकालने में भी मददगार साबित होगी.
सरकार चाहती है कि शत-प्रतिशत किसान इस पैसे का इस्तेमाल अपनी खेती और घर की जरूरतों को पूरा करने के लिए करें. किसानों की समस्याओं को सुनने और उन्हें सुलझाने के लिए सिस्टम को और मजबूत बनाया जा रहा है. सरकार ने लक्ष्य रखा है कि मिलने वाली 95% शिकायतों का समाधान तुरंत किया जाए, ताकि किसी भी किसान को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें.
खाद-बीज खरीदने में मिलेगी मदद
एक अनुमान के मुताबिक, लगभग 75% किसान इस राशि का उपयोग सीधे खेती के जरूरी सामान जैसे अच्छे बीज, खाद और खेती के आधुनिक उपकरण खरीदने में करेंगे. इससे न सिर्फ किसानों का बोझ कम होगा, बल्कि पैदावार में भी सुधार आएगा.
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