विधानसभा चुनाव के बाद पेट्रोल की कीमत में होगी बंपर वृद्धि, यूक्रेन संकट सहित ये हैं कारण

रिपोर्ट में कहा गया है कि खुदरा ईंधन विक्रेताओं को लागत वसूली (cost recovery) के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम 16 मार्च तक 12 रुपये प्रति लीटर से भी अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है.

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में यह कहा गया है कि पेट्रोल और डीजल की कीमत में 16 मार्च के बाद 12 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि होगी और इसकी आवश्यकता भी है.

12 रुपये तक बढ़ सकती है पेट्रोल की कीमत

रिपोर्ट में कहा गया है कि खुदरा ईंधन विक्रेताओं को लागत वसूली (cost recovery) के लिए पेट्रोल और डीजल के दाम 16 मार्च तक 12 रुपये प्रति लीटर से भी अधिक बढ़ाने की आवश्यकता है. उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव होने के कारण बीते चार महीने से ईंधन के दाम नहीं बढ़े हैं.

120 डॉलर प्रति बैरल के पार गयी कच्चे तेल की कीमत

इधर यूक्रेन संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें बृहस्पतिवार को 120 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गईं थी जो बीते नौ वर्षों में सर्वाधिक हैं. हालांकि शुक्रवार को दाम थोड़े घटकर 111 डॉलर प्रति बैरल पर आ गये. इसके बावजूद तेल की लागत और खुदरा बिक्री दरों के बीच का अंतर बढ़ता जा रहा है.

कास्ट रिकवरी के लिए पेट्रोल के दाम बढ़ाना जरूरी

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि बीते दो महीनों में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल के दाम बढ़ने से सरकारी स्वामित्व वाले खुदरा तेल विक्रेताओं को लागत वसूली के लिए 16 मार्च 2022 या उससे पहले ईंधन के दामों में 12.1 प्रति लीटर की वृद्धि करनी होगी. वहीं तेल कंपनियों के मार्जिन को भी जोड़ लें तो 15.1 रुपये प्रति लीटर की मूल्य वृद्धि की आवश्यकता है.

2012 के बाद कच्चे तेल की कीमत में अप्रत्याशित वृद्धि

पेट्रोलियम मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले पेट्रोलियम योजना और विश्लेषण प्रकोष्ठ (पीपीएसी) के मुताबिक, भारत जो कच्चा तेल खरीदता है उसके दाम तीन मार्च को 117.39 डॉलर प्रति बैरल हो गये. ईंधन का यह मूल्य वर्ष 2012 के बाद सबसे ज्यादा है.

विधानसभा चुनाव के बाद बढ़ेंगी पेट्रोल की कीमत

पिछले साल नवंबर की शुरुआत में जब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि पर रोक लगी थी, तब कच्चे तेल की औसत कीमत 81.5 डॉलर प्रति बैरल थी. ब्रोकरेज कंपनी जेपी मॉर्गन ने एक रिपोर्ट में कहा, अगले हफ्ते तक राज्यों के विधानसभा चुनाव समाप्त हो जाएंगे. अनुमान है कि इसके बाद ईंधन की दरें दैनिक आधार पर बढ़ सकती हैं. उत्तर प्रदेश मे सातवें और अंतिम चरण का मतदान सात मार्च को होगा तथा उत्तर प्रदेश समेत सभी पांच राज्यों के लिए मतगणना 10 मार्च को होनी है.

जरूरत का 85 प्रतिशत भारत आयात करता है

रिपोर्ट के अनुसार, तीन मार्च, 2022 को वाहन ईंधन का शुद्ध विपणन मार्जिन शून्य से नीचे 4.92 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया. चालू वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में अब तक यह 1.61 रुपये लीटर है. हालांकि ईंधन के मौजूदा अंतररराष्ट्रीय मूल्य पर 16 मार्च को शुद्ध मार्जिन घटकर शून्य से नीचे 10.1 रुपये प्रति लीटर और एक अप्रैल को शून्य से नीचे 12.6 रुपये लीटर तक जा सकता है. घरेलू स्तर पर ईंधन की कीमतें तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों से सीधे प्रभावित होती हैं क्योंकि भारत अपनी तेल आवश्यकता का 85 फीसदी हिस्सा आयात करता है.

Also Read: Pakistan News : शुक्रवार की नमाज के वक्त पेशावर में बम धमाका, 30 की मौत

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Agency

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >