क्रूड ऑयल 2% से अधिक महंगा, US-ईरान तनाव से तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका

अमरीका और ईरान के बीच फिर से टकराव बढ़ने का असर क्रूड ऑयल की कीमतों पर पड़ा है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों 2 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई है.

ब्रेंट क्रूड 2.1 फीसदी की बढ़त के साथ 89.80 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमरीकी क्रूड (WTI) 2.3 फीसदी की तेजी के साथ 84.38 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था.

तेल सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ी

तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने, अमरीकी प्रतिबंधों को हटाने और नौसैनिक नाकाबंदी खत्म करने की शर्तों के साथ युद्ध क्षतिपूर्ति की मांग की है. जबकि अमेरिका ने भी ईरान से हर्जाना मांगा है. दोनों देशों के बीच बढ़ते टकराव से वैश्विक तेल बाजार में आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई हैं.

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का क्या होगा असर ?

  • कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल पेट्रोल-डीजल तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह पूरी अर्थव्यवस्था और आम आदमी की जेब पर असर डालता है.
  • महंगाई में बढ़ोतरी: भारत अपनी जरूरत का लगभग 85% कच्चा तेल आयात करता है. तेल महंगा होने से माल ढुलाई महंगी हो जाती है.
  • पेट्रोल, डीजल, और रसोई गैस (LPG/CNG) के दाम बढ़ सकते हैं.
  • एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) महंगा होने से हवाई यात्रा के टिकट महंगे हो सकते हैं.
  • विदेशी मुद्रा में तेल खरीदने के लिए भारत को अधिक डॉलर चुकाने पड़ते हैं, जिससे देश का व्यापार घाटा बढ़ जाता है.
  • जब डॉलर की मांग बढ़ती है, तो अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया कमजोर होता है.


ये भी पढ़ें: ट्रेन मिस हुई तो टिकट लेकर अगली ट्रेन पकड़ना पड़ेगा भारी, जान लें रेलवे का नियम


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >