अब आपके रिटायरमेंट प्लान पर होगा बड़ा असर! NPS में IMF की नई स्लैब जल्द होगी लागू

NPS Investment Fee: NPS में जल्द ही नई निवेश प्रबंधन फीस लागू होने वाली है. जानिए कैसे यह बदलाव आपके रिटायरमेंट प्लान को प्रभावित करने वाला है.

By Soumya Shahdeo | January 3, 2026 11:00 AM

NPS Investment Fee: नेशनल पेंशन सिस्टम यानी NPS को ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए पेंशन रेगुलेटर PFRDA ने एक अहम फैसला लिया है. 1 अप्रैल 2026 से निवेश प्रबंधन शुल्क यानी Investment Management Fee (IMF) की नई व्यवस्था लागू होगी. यह बदलाव खास तौर पर कॉरपोरेट कर्मचारियों, निजी निवेशकों और गिग इकॉनमी से जुड़े युवाओं को ध्यान में रखकर किया गया है.

IMF आखिर होता क्या है?

IMF वह सालाना फीस होती है जो पेंशन फंड आपके पैसों को निवेश करने और संभालने के बदले लेते हैं. अब तक यह फीस सभी के लिए लगभग एक जैसी थी, लेकिन नई व्यवस्था में इसे फंड के आकार यानी AUM के हिसाब से अलग-अलग किया गया है. इसका मकसद यह है कि न तो बड़े फंड जरूरत से ज्यादा कमाई करें और न ही छोटे फंड दबाव में आएं.

नई स्लैब से किसे फायदा होगा?

नई स्लैब-आधारित IMF संरचना में छोटे पेंशन फंड्स को शुरुआती दौर में थोड़ा ज्यादा मार्जिन मिलेगा, ताकि वे टेक्नोलॉजी, गवर्नेंस और सर्विस पर निवेश कर सकें. वहीं बड़े पेंशन फंड्स को कम फीस पर काम करना होगा, जिससे निवेशकों को बेहतर रिटर्न मिलने की संभावना बढ़ेगी. जानकारों का मानना है कि इससे सिस्टम ज्यादा संतुलित और फेयर बनेगा.

युवाओं के लिए यह क्यों जरूरी है?

आज की युवा पीढ़ी नौकरी बदलती रहती है, फ्रीलांस करती है और लॉन्ग-टर्म फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर ज्यादा सजग है. ऐसे में NPS जैसी स्कीम में पारदर्शी और नियंत्रित फीस होना भरोसा बढ़ाता है. म्यूचुअल फंड्स के मुकाबले NPS की फीस पहले से ही कम है और यह बदलाव इसे और मजबूत बनाता है. PFRDA को उम्मीद है कि यह सुधार NPS को ज्यादा भरोसेमंद, प्रतिस्पर्धी और भविष्य के लिए मजबूत बनाएगा. इसका सीधा फायदा उन युवाओं को मिलेगा जो आज से ही अपने रिटायरमेंट को लेकर समझदारी से कदम उठाना चाहते हैं.

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