No Insurance No Fuel: बिना इंश्योरेंस के नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल, पंप पर ANPR कैमरे स्कैन करेंगे गाड़ियों की नंबर प्लेट

No Insurance No Fuel Rule के तहत बिना वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस गाड़ियों को पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा. जानिए ANPR सिस्टम कैसे काम करेगा.

No Insurance No Fuel: अगर आपकी गाड़ी का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस खत्म हो गया है, तो आने वाले दिनों में आपको पेट्रोल पंप से खाली हाथ लौटना पड़ सकता है. बीमा नियामक IRDAI (भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण) एक नया ऑटोमेटेड नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) सिस्टम टेस्ट करने की तैयारी कर रहा है.

इस व्यवस्था के तहत अगर किसी गाड़ी का वैध इंश्योरेंस नहीं होगा, तो उसे पेट्रोल या डीजल देने से मना किया जा सकता है.

यह कदम क्यों उठाया जा रहा है?

सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को दिए एक फैसले में IRDAI और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) को निर्देश दिया था कि वे ईंधन आपूर्ति को वैध इंश्योरेंस से जोड़ने वाला एक पायलट प्रोजेक्ट तैयार करें.

देश में बिना बीमा वाली गाड़ियों की संख्या काफी ज्यादा है:

  • कुल रजिस्टर्ड गाड़ियां: 30.48 करोड़
  • बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ियां: 16.54 करोड़ (लगभग 56%)

इतने बड़े पैमाने पर बिना इंश्योरेंस सड़कों पर दौड़ रही गाड़ियों पर लगाम लगाने के लिए कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिल्ली से इस पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत करने और समय सीमा के साथ प्रस्ताव पेश करने को कहा था. इस कदम को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय का भी समर्थन मिला है.

यह सिस्टम काम कैसे करेगा?

IRDAI एक ऐसा रियल-टाइम डेटा और तकनीक ढांचा तैयार कर रहा है जो गाड़ी के नंबर प्लेट से तुरंत उसके इंश्योरेंस का पता लगा लेगा.

1.ANPR कैमरा नंबर पढ़ेगा:

पेट्रोल पंप, हाईवे या सड़क पर लगा ANPR कैमरा गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर स्कैन करेगा.

2.डेटाबेस से मिलान होगा:

गाड़ी के नंबर को VAHAN (रजिस्ट्रेशन डेटा) और IIB (इन्श्योरेंस इंफॉर्मेशन ब्यूरो) के डेटा से तुरंत मैच किया जाएगा.

3.बीमा स्थिति की पुष्टि होगी:

सिस्टम तुरंत चेक करके बता देगा कि गाड़ी के पास वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस कवर है या नहीं.

इंश्योरेंस सेक्टर पर इसका क्या असर पड़ेगा?

अगर यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है, तो बड़ी संख्या में अनबीमाकृत वाहन फॉर्मल इंश्योरेंस मार्केट में आ जाएंगे.

वित्तीय वर्ष 2026 (FY26) में देश की टॉप 5 मोटर इंश्योरेंस कंपनियों (ICICI लोम्बार्ड, न्यू इंडिया एश्योरेंस, टाटा AIG, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस और बजाज जनरल) ने मिलकर लगभग 48,400 करोड़ रुपये का मोटर प्रीमियम जुटाया था, जो कुल सेगमेंट का करीब 45% है.

मुख्य पहलूविवरण
नया नियमबिना थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस ईंधन की बिक्री पर रोक
शुरुआती शहरदिल्ली से शुरुआत का निर्देश (शहर जल्द तय होंगे)
जरूरी तकनीकANPR कैमरे, VAHAN और IIB डेटाबेस
बीमा कंपनियों की चुनौतीपॉलिसी इश्यू और रिन्यूअल डेटा को रियल-टाइम अपडेट करना

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लेखक के बारे में

By सौम्या शाहदेव

सौम्या शाहदेव प्रभात खबर डिजिटल में बिजनेस कंटेंट राइटर हैं. वह शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, टैक्स, सरकारी योजनाओं, बैंकिंग और रोजमर्रा की आर्थिक खबरों को सरल और सटीक भाषा में पाठकों तक पहुंचाती हैं. उनका फोकस ऐसी खबरें लिखने पर रहता है जो सीधे आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालती हैं.

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