Indian Railways News: भारतीय रेलवे की ट्रेनों में सफर करने वाले हर आदमी को पता है कि रेलगाड़ी का ड्राइवर उस ट्रेन के गार्ड की झंडियां देखकर ही गाड़ी चलाता या रोकता है. गार्ड साहब ही ड्राइवर को बताते हैं कि रास्ता क्लियर है या नहीं. ड्राइवर अगर इंजन रूम में होता है, तो ट्रेन के आखिरी डिब्बे के आसपास गार्ड बाबू होते हैं. लेकिन, अब ट्रेनों में गार्ड बाबू नहीं होंगे. गार्ड बाबू खोजे से भी नहीं मिलेंगे, ट्रेनों में.
जी हां. अब गार्ड साहब ट्रेनों में नहीं मिलेंगे, क्योंकि भारतीय रेलवे ने उनका नाम बदल दिया है. ट्रेन के ड्राइवर को लाल और हरी झंडी दिखाने वाले गार्ड बाबू के पोस्ट का नाम बदल गया है. इसलिए अब उन्हें गार्ड बाबू नहीं बुलाया जायेगा. बल्कि, गार्ड साहब को अब ‘ट्रेन मैनेजर’ के नाम से जाना जायेगा. रेल मंत्रालय के इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है.
रेल मंत्रालय ने 13 जनवरी 2022 को ही इस आदेश की अधिसूचना जारी कर दी. इस आदेश में कहा गया है कि गार्ड के पोस्ट को बदलकर ‘ट्रेन मैनेजर’ करने के फैसले को तत्काल प्रभाव से लागू माना जाये. रेलवे में गार्ड के 5 ग्रेड होते हैं. असिस्टेंट गार्ड, गुड्स गार्ड (मालगाड़ी का गार्ड), सीनियर गुड्स गार्ड (मालगाड़ी के सीनियर गार्ड), सीनियर पैसेंजर गार्ड (पैसेंजर ट्रेन के सीनियर गार्ड) और मेल/एक्सप्रेस गार्ड (मेल/एक्सप्रेस ट्रेन के गार्ड).
इन गार्डों का ग्रेड पे और लेवल क्रमश: 1900 रुपये, PB-1 L-2, 2800 रुपये PB-2 L-5, 4200 रुपये PB-2 L-6, 4200 रुपये PB-2 L-6 और 4200 रुपये PB-1 L-2 है. रेल मंत्रालय के मुताबिक, अब असिस्टेंट गार्ड को असिस्टेंट पैसेंजर ट्रेन मैनेजर कहा जायेगा. गुड्स गार्ड को गुड्स ट्रेन मैनेजर, सीनियर गुड्स गार्ड को सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर, सीनियर पैसेंजर गार्ड को सीनियर पैसेंजर ट्रेन मैनेजर और मेल/एक्सप्रेस गार्ड को मेल/एक्सप्रेस ट्रेन मैनेजर कहा जायेगा.
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रेल मंत्रालय ने कहा है कि गार्ड के पद का नाम बदल दिया गया है, लेकिन उनके वेतनमान पर कोई असर नहीं होगा. उनका वेतनमान जो है, वही रहेगा. सिर्फ उनके पद के नाम बदल जायेंगे. उनकी नियुक्ति की प्रक्रिया भी पहले जैसी ही रहेगी. इसमें भी कोई बदलाव नहीं होगा.
Posted By: Mithilesh Jha
