GST: निर्मला सीतारमण बोलीं, 'एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाने के पक्ष में नहीं हैं राज्य'

GST: जीएसटी की दरों को तय करने के लिए शनिवार 21 दिसंबर 2024 को राजस्थान के जैसलमेर में जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक आयोजित की गई थी. इसकी अध्यक्षता वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने की. इसमें विमान में इस्तेमाल होने वाले ईंधन एटीएफ को जीएसटी के दायरे में लाने का प्रस्ताव था, जिस पर राज्यों की सहमति नहीं बन पाई.

GST: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार 21 दिसंबर 2024 को कहा कि विमान टरबाइन ईंधन को जीएसटी (वस्तु एवं सेवाकर) के दायरे में लाने पर राज्य सहमत नहीं हैं. उन्होंने राजस्थान के जैसलमेर में आयोजित जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा, ”राज्य इस बारे में सहज नहीं थे. वे एटीएफ नहीं चाहते थे, क्योंकि वे इसे कच्चे पेट्रोलियम-डीजल उत्पाद की श्रेणी में देखते हैं. इसलिए उन्होंने कहा कि इसे अकेले नहीं हटाया जा सकता. इसलिए इस पर यथास्थिति बनी हुई है.”

बीमा प्रीमियम पर जीएसटी में कटौती पर फैसला नहीं

निर्मला सीतारमण ने कहा कि बीमा प्रीमियम पर जीएसटी में कटौती के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया गया, क्योंकि मंत्रियों के समूह (जीओ) को इस मुद्दे का अध्ययन करने के लिए अधिक समय की जरूरत थी. उन्होंने कहा कि बीमा नियामक इरडा सहित कई पक्षों से सुझावों का इंतजार है. उन्होंने आगे कहा कि जीएसटी परिषद ने दर उचित स्तर पर लाने के संबंध में निर्णय को भी स्थगित कर दिया है, क्योंकि जीओएम को अध्ययन के लिए अधिक समय की जरूरत है. परिषद ने फोर्टिफाइड चावल और जीन थेरेपी सहित विभिन्न वस्तुओं पर जीएसटी दर संशोधन के संबंध में सुझाव दिए.

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रेडीमेड कपड़ों पर जीएसटी लगाने का प्रस्ताव

जीएसटी परिषद की 55वीं बैठक में कश्मीरी शॉल समेत रेडीमेड कपड़ों पर जीएसटी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया. जीएसटी दरों को तय करने के लिए गठित मंत्री समूह ने रेडीमेड कपड़ों पर टैक्स रेट को उचित बनाने का प्रस्ताव रखा है. इसके साथ ही, मंत्री समूह ने 1,500 रुपये तक की लागत वाले रेडीमेड कपड़ों पर 5% जीएसटी और 1,500 रुपये से 10,000 रुपये तक की लागत वाले कपड़ों पर 18% जीएसट का प्रस्ताव रखा है. 10,000 रुपये से अधिक कीमत वाले कपड़ों पर 28% कर लगेगा.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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