ITR-1 and ITR-4 House Property Rule: इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने असेसमेंट ईयर 2025-26 के लिए नए ITR-1 और ITR-4 फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं. इस बार सरकार ने सैलरीड क्लास और छोटे टैक्सपेयर्स के लिए नियमों को काफी सरल बनाया है. आइए जानते हैं कि इस बार आपके लिए क्या बदला है.
किसे मिला है सबसे बड़ा फायदा?
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, अब तक नियम था कि अगर आपके पास एक से ज्यादा घर (House Property) है, तो आपको ITR-2 या ITR-3 जैसे मुश्किल फॉर्म भरने पड़ते थे. लेकिन अब दो घर के मालिक भी सीधे ITR-1 या ITR-4 फॉर्म भर सकते हैं. चाहे घर खुद के रहने के लिए हो या किराए पर दिया गया हो, आप इन आसान फॉर्म्स का इस्तेमाल कर पाएंगे. इससे कागजी कार्यवाही का बोझ काफी कम हो जाएगा.
फॉर्म में क्या नई जानकारी देनी होगी?
ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने के लिए फॉर्म में कुछ नए कॉलम जोड़े गए हैं. अब अगर आपको किराएदार से किराया नहीं मिला है, तो उसे ‘Unrealised Rent’ के कॉलम में अलग से दिखा सकते हैं. साथ ही, अगर आप किसी और की तरफ से (Representative Assessee) रिटर्न भर रहे हैं, तो उसकी जानकारी देना भी अब अनिवार्य है.
डोनेशन और टैक्स छूट में क्या बदलाव हैं?
अगर आप 80G के तहत डोनेशन पर टैक्स छूट चाहते हैं, तो अब डोनेशन की रसीद के साथ ट्रांजैक्शन आईडी और बैंक का IFSC कोड भी देना होगा. पॉलिटिकल पार्टीज को दिए गए डोनेशन के लिए पार्टी का नाम और PAN नंबर बताना जरूरी है. ध्यान दें कि विदेशी रिटायरमेंट अकाउंट पर मिलने वाली Section 89A की राहत अब ITR-1 और 4 में नहीं मिलेगी; इसके लिए आपको बड़ा फॉर्म भरना होगा.
क्या पुराना टैक्स रिजीम चुनना आसान है?
जी हां, सरकार ने न्यू टैक्स रिजीम और ओल्ड टैक्स रिजीम को चुनने की प्रोसेस को और साफ कर दिया है. फॉर्म 10-IEA को लेकर होने वाली उलझन को दूर करने के लिए नए बदलाव किए गए हैं, ताकि टैक्सपेयर्स बिना किसी गलती के अपनी पसंद का रिजीम चुन सकें.
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