Mutual Fund: मार्च के महीने में शेयर बाजार पर आधारित (Equity) म्यूचुअल फंड्स में निवेश 56% बढ़कर 40,450 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. जुलाई 2025 के बाद यह सबसे बड़ी छलांग है. बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद निवेशकों का भरोसा इक्विटी पर बना हुआ है.
SIP ने फिर रचा इतिहास
आम लोगों की पसंदीदा निवेश तकनीक SIP (Systematic Investment Plan) ने भी नया रिकॉर्ड बनाया है. मार्च में इसके जरिए 32,087 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो फरवरी के मुकाबले काफी ज्यादा है. यह दिखाता है कि लोग अब अनुशासित तरीके से निवेश करना पसंद कर रहे हैं.
किन फंड्स में आया सबसे ज्यादा पैसा?
- फ्लेक्सी-कैप फंड्स: ये सबसे आगे रहे, जिनमें निवेश 45% बढ़कर 10,054 करोड़ रुपये हो गया.
- मिड और स्मॉल-कैप: इनमें भी 50% से ज्यादा की बढ़ोतरी देखी गई, जो निवेशकों के बढ़ते साहस को दर्शाता है.
सोने और चांदी से मोहभंग ?
जहां जनवरी में गोल्ड और सिल्वर ETF में रिकॉर्ड निवेश हुआ था, वहीं मार्च में यह उत्साह ठंडा पड़ा है. गोल्ड ETF में निवेश गिरकर 2,266 करोड़ रुपये रह गया. विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक अब सोने से पैसा निकालकर वापस शेयर बाजार की ओर रुख कर रहे हैं.
शेयर बाजार की ‘सिक्सर’ रिकवरी
पिछले छह हफ्तों से लगातार गिर रहे बाजार ने इस हफ्ते शानदार वापसी की है. सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 6% की बढ़त देखी गई. इसके पीछे मुख्य कारण अमेरिका और ईरान के बीच तनाव में कमी और कच्चे तेल की कीमतों का गिरना बताया जा रहा है.
| कैटेगरी | मार्च का निवेश (करोड़ में) | स्थिति |
| इक्विटी फंड्स | ₹40,450 | 8 महीने के उच्चतम स्तर पर |
| SIP निवेश | ₹32,087 | अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड |
| फ्लेक्सी-कैप | ₹10,054 | 45% की बढ़त |
| गोल्ड ETF | ₹2,266 | भारी गिरावट (जनवरी के मुकाबले) |
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