Nestle India FY27 Growth Strategy: FMCG सेक्टर की दिग्गज कंपनी नेस्ले इंडिया (Nestlé India) ने वित्त वर्ष 2027 के लिए अपनी दिशा साफ कर दी है. दिल्ली मुख्यालय वाली इस कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मनीष तिवारी ने साफ किया है कि कंपनी अब दाम बढ़ाने के बजाय अपनी बिक्री (Volume) बढ़ाने पर ज्यादा जोर देगी. आसान भाषा में कहें तो कंपनी चाहती है कि लोग सामान ज्यादा खरीदें, न कि उन्हें एक पैकेट के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़े. हाल ही में कंपनी ने शानदार नतीजे पेश किए हैं, जहां उसका मुनाफा 26% बढ़कर 1,114 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है.
दाम बढ़ाने के बजाय बिक्री पर जोर क्यों?
मनीष तिवारी के अनुसार, बाजार में फिलहाल मांग (Demand) थोड़ी सुस्त पड़ रही है. फरवरी और मार्च के आंकड़े बताते हैं कि ग्राहक अब खरीदारी में थोड़ी सावधानी बरत रहे हैं. ऐसे में नेस्ले उन प्रोडक्ट्स पर ध्यान दे रही है जो अभी भी बहुत से घरों तक नहीं पहुंचे हैं (Low penetration categories). कंपनी का मानना है कि कीमतों में बढ़ोतरी करने से डिमांड और गिर सकती है. इसलिए बढ़ती लागत से निपटने के लिए कंपनी सबसे पहले अपने आंतरिक खर्चों में कटौती करेगी और ‘कॉस्ट एफिशिएंसी’ पर काम करेगी, ताकि ग्राहकों पर बोझ न पड़े.
क्या बढ़ रही है कच्चे माल की कीमतें?
नेस्ले के लिए मौजूदा समय चुनौतियों भरा है. जहां एक तरफ कॉफी के दाम थोड़े कम हुए हैं, वहीं कोको (Cocoa) की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है. इसके अलावा दूध, गेहूं और पाम ऑयल जैसी जरूरी चीजों के दाम ऊपर जा रहे हैं. सामान को एक जगह से दूसरी जगह भेजने का खर्च (Logistics) और पैकेजिंग की लागत भी बढ़ी है. हालांकि, तिवारी ने स्पष्ट किया कि अभी तक पोर्टफोलियो में कोई बड़ी मूल्य वृद्धि नहीं की गई है और जो भी बदलाव हुए हैं, वे बहुत छोटे स्तर पर हैं.
कौन से ब्रांड्स करा रहे हैं मोटी कमाई?
कंपनी की ग्रोथ में मैगी और किटकैट जैसे पुराने ब्रांड्स तो साथ दे ही रहे हैं, लेकिन अब नेस्ले के ‘नए सितारे’ भी चमक रहे हैं. ‘पुरिना’ (पेट केयर), ‘नेस्प्रेसो’ और ‘नेस्ले प्रोफेशनल’ (B2B बिजनेस) जैसे नए वर्टिकल डबल डिजिट में तरक्की कर रहे हैं. कंपनी इन्हें ‘ग्रीन शूट्स’ मान रही है और अगले 5 से 10 वर्षों में इन्हें बड़े बिजनेस में बदलने की तैयारी है. फिलहाल डेयरी और न्यूट्रिशन सेगमेंट की रफ्तार थोड़ी धीमी है, क्योंकि वहां पहले से ही बाजार काफी भरा हुआ है.
शेयर बाजार और भविष्य की क्या है स्थिति?
मार्केट एक्सपर्ट्स के लिए नेस्ले के नतीजे उम्मीद से बेहतर रहे हैं. कंपनी का रेवेन्यू 22.6% बढ़कर 6,748 करोड़ रुपये हो गया है. सबसे बड़ी बात यह है कि मार्जिन में 110 बेसिस पॉइंट का उछाल आया है, जिसे विश्लेषक काफी सकारात्मक मान रहे हैं. फिलहाल कंपनी की मार्केट वैल्यू 1,40,738 करोड़ रुपये से ज्यादा है और पिछले 6 महीनों में इसने निवेशकों को करीब 15% का रिटर्न दिया है. कंपनी को भरोसा है कि ग्रामीण इलाकों में बढ़ती मांग और ब्रांड में लगातार निवेश की बदौलत वे आने वाले समय में भी मार्केट से बेहतर प्रदर्शन करेंगे.
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