Maruti Suzuki: भारत की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी (MSIL) मंगलवार को चर्चा में रही. कंपनी को आयकर विभाग (Income Tax Authority) की ओर से 5,786 करोड़ रुपए का एक ड्राफ्ट असेसमेंट ऑर्डर मिला है. आमतौर पर इतने बड़े टैक्स नोटिस से शेयर गिर जाते हैं, लेकिन मारुति के मामले में इसका उल्टा असर दिखा और निवेशकों का भरोसा बरकरार रहा.
क्या है टैक्स नोटिस का मामला?
कंपनी ने शेयर बाजार को बताया कि उसे वित्त वर्ष 2022-23 के लिए यह ड्राफ्ट ऑर्डर मिला है. आयकर विभाग ने कंपनी द्वारा दिखाई गई आय (Returned Income) में कुछ खर्चों या दावों को लेकर आपत्ति जताई है, जिसकी कुल रकम 57,864 मिलियन जो करीब 5,786 करोड़ रुपए बैठती है.
इस नोटिस के बाद कंपनी ने क्या कहा
मारुति सुजुकी इस नोटिस को चुपचाप स्वीकार नहीं करेगी। कंपनी ने साफ किया है कि:
वह इस आदेश के खिलाफ डिस्प्युट रिजोल्यूशन पैनल (DRP) के सामने अपनी आपत्ति दर्ज कराएगी. कंपनी का मानना है कि इस नोटिस से उनके बिजनेस, ऑपरेशन या आर्थिक सेहत पर कोई बुरा असर नहीं पड़ेगा.
शेयर बाजार में मारुति की रफ्तार
हैरानी की बात यह है कि टैक्स नोटिस की खबर के बावजूद मारुति के शेयर हरे निशान में कारोबार कर रहे थे. दोपहर 3 बजे के करीब शेयर 2.10% उछलकर 13,020 रुपए के पार ट्रेड कर रहा था. आज शेयर 12,800 रुपए पर खुला और दिनभर के कारोबार में 13,101 रुपए के ऊंचे स्तर तक जा पहुंचा.
कैसा रहा कंपनी का हालिया प्रदर्शन?
मारुति सुजुकी की बैलेंस शीट और सेल्स रिपोर्ट उसकी मजबूती की गवाही दे रही है. वित्त वर्ष 2026 के शुरुआती 9 महीनों में कंपनी ने 14.35 लाख से ज्यादा कारें बेचीं, जो पिछले साल के मुकाबले लगभग 4% की बढ़ोतरी है. तीसरी तिमाही में कंपनी ने 37,940 मिलियन रुपए का नेट प्रॉफिट कमाया, जबकि इसकी कुल बिक्री 6.67 लाख करोड़ रुपए से अधिक रही.
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