बिना सब्सिडी वाला रसोई गैस सिलेंडर 53 रुपये हुआ सस्ता, एटीएफ की कीमत में 10 फीसदी कटौती

सरकारी तेल कंपनियों ने सोमवार को बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में 53 रुपये की कटौती की है. इस कीमत में कटौती के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में कटौती को कारण बताया जा रहा है. हालांकि, इन सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले महीने ही बिना सब्सिडी वाले सिलेंडरों की कीमतों में 144.50 रुपये का इजाफा किया था.

नयी दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कीमतों में गिरावट के बीच घरेलू सरकारी तेल कंपनियों ने सोमवार को बिना सब्सिडी वाले रसोई गैस सिलेंडरों की कीमत में करीब 53 रुपये की कटौती की है. इसके साथ ही, उन्होंने विमान ईंधन यानी एटीएफ पर भी 10 फीसदी घटाया है. हालांकि, इन सरकारी कंपनियों ने पिछले महीने ही बिना सब्सिडी वाले गैस सिलेंडरों की कीमतों में करीब 144.50 रुपये का इजाफा किया था. कंपनियों की ओर से कीमतों में कटौती करने से पिछले महीने की गयी वृद्धि का एक तिहाई असर खत्म हो गया है.

सरकारी तेल कंपनियों की ओर से मासिक समीक्षा के बाद जारी जारी मूल्य अधिसूचना में कहा गया है कि दिल्ली में बिना सब्सिडी वाले 14.2 किलो ग्राम के गैस सिलेंडर का दाम भी घट कर 805.50 रुपये पर आ गया है. अब तक इसकी कीमत 858.50 रुपये प्रति सिलेंडर थी. मूल्यों में इस संशोधन के बाद सरकार पर रसोईं गैस सब्सिडी की कीमत प्रति सिलेंडर करीब 50 रुपये घट कर 240 रुपये रह जायेगा. वाणिज्यिक इस्तेमाल के लिए 19 किलो गैस वाले एलपीजी सिलेंडर का दाम 1466 रुपये की जगह अब 1383.50 रुपये कर दिया गया है.

इसके अलावा, दिल्ली में विमान ईंधन का मूल्य 6,590.62 रुपये प्रति किलो लीटर यानी 10.3 फीसदी कम करके 56,859.01 रुपये प्रति किलो लीटर कर दिया गया है. विमान ईंधन की कीमत लगातार दूसरी बार घटायी गयी है. इससे पहले, एक फरवरी को इसमें प्रति किलो लीटर 874.13 रुपये की कटौती की गयी थी.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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