LPG Cylinder Crisis: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और तेल-गैस की किल्लत का असर अब देश की राजधानी के सबसे सुरक्षित इलाकों में भी दिखने लगा है. ताजा मामला दिल्ली हाई कोर्ट का है, जहाँ एलपीजी (LPG) सिलेंडर न मिलने की वजह से वकीलों की कैंटीन में खाना बनना बंद हो गया है.
कैंटीन में ‘मेन कोर्स’ पर लगा ब्रेक
दिल्ली हाई कोर्ट की ‘लॉयर्स कैंटीन’ मैनेजमेंट ने 11 मार्च को एक नोटिस जारी कर जानकारी दी कि गैस सिलेंडर की अनुपलब्धता के कारण फिलहाल मुख्य भोजन (मेन कोर्स) नहीं बनाया जा पा रहा है. नोटिस में साफ कहा गया है कि जब तक गैस की सप्लाई बहाल नहीं होती, तब तक पका हुआ खाना सर्व करना मुमकिन नहीं होगा.
क्या मिलेगा और क्या नहीं ?
- कैंटीन मैनेजमेंट ने वकीलों और कोर्ट स्टाफ को हो रही परेशानी के लिए माफी मांगी है और बताया है कि
- क्या नहीं मिलेगा: लंच या अन्य पकी हुई चीजें (मेन कोर्स).
- क्या मिलेगा: वैसी चीजें जिन्हें पकाने की जरूरत नहीं पड़ती, जैसे सैंडविच, सलाद, फ्रूट चाट और अन्य रिफ्रेशमेंट्स.
कब तक सुधरेंगे हालात ?
फिलहाल कैंटीन मैनेजमेंट के पास इस बात की कोई पुख्ता जानकारी नहीं है कि गैस की सप्लाई कब तक सामान्य होगी. नोटिस में कहा गया है कि जैसे ही सिलेंडर उपलब्ध होंगे, खाना दोबारा बनाना शुरू कर दिया जाएगा.
क्यों हुई गैस की किल्लत ?
दिल्ली हाई कोर्ट जैसी जगह पर गैस की यह कमी सीधे तौर पर वेस्ट एशिया (मिडल ईस्ट) के संकट से जुड़ी है.
- सप्लाई चेन में रुकावट: अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव ने फ्यूल लॉजिस्टिक्स को प्रभावित किया है.
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की घेराबंदी: इस रास्ते से होने वाली गैस सप्लाई रुकने की वजह से भारत के कुछ हिस्सों में किल्लत शुरू हो गई है.
- आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act): हालात की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने कल ही इस कानून को लागू किया है ताकि नेचुरल गैस की सप्लाई को रेगुलेट किया जा सके.
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