किसान ऋण कार्ड के तहत फसल लोन योजना में हुआ बदलाव, जानिए क्या है RBI के नए नियम

भारतीय रिजर्व बैंक ने एक कहा है कि, किसानों को 7 फीसदी प्रतिवर्ष की ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का शार्ट टर्म फसल ऋण देने प्रदान करने के लिए सरकार बैंकों को सालाना 2 फीसदी ब्याज सहायता देती है. इसके अलावा उन किसानों को अतिरिक्त 3 फीसदी ब्याज सबवेंशन दिया जाता है जो अपना कर्ज का तुरंत भुगतान करते हैं

भारतीय रिजर्व बैंक ( RBI, आरबीआई) ने बीते वित्त वर्ष के दौरान शार्ट टर्म की फसल ऋण योजना के तहत किसान ऋण कार्ड (KCC, केसीसी) के जरिये किसानों को दिए गए कर्ज पर ब्याज सहायता का दावा करने को बैंकों के लिए नियमों में बदलाव किया है. इसको लेकर रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को एक अधिसूचना जारी कर कहा कि, वित्त वर्ष 2021-22 के लिए लंबित दावों को 30 जून, 2023 तक पेश किया जा सकता है और उन्हें वैधानिक लेखा परीक्षकों द्वारा सत्य या सही के रूप में प्रमाणित होना चाहिए है.

बता दें, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI, आरबीआई) ने एक कहा है कि, किसानों को 7 फीसदी प्रतिवर्ष की ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का शार्ट टर्म फसल ऋण देने प्रदान करने के लिए सरकार बैंकों को सालाना 2 फीसदी ब्याज सहायता देती है. इसके अलावा उन किसानों को अतिरिक्त 3 फीसदी ब्याज सबवेंशन दिया जाता है जो अपना कर्ज का तुरंत भुगतान करते हैं. ऐसे किसानों के लिए प्रभावी ब्याज दर 4 फीसदी है.

पंजाब में गेहूं खरीद के लिए नकद ऋण सीमा बढ़ाई: वहीं, भारतीय रिजर्व बैंक ने पंजाब में मौजूदा गेहूं खरीद के लिए नकद ऋण सीमा को बढ़ा दिया है. पंजाब सरकार ने जानकारी देते हुए कहा कि रिजर्व बैंक ने 3,378.15 करोड़ रुपये के सीसीएल को मई के अंत तक के लिए बढ़ा दिया है. इसके साथ ही अप्रैल अंत तक के लिए 24,773.11 करोड़ रुपये की मंजूर सीमा मई अंत तक के लिए बढ़कर 28,151.26 करोड़ रुपये हो गई है. केंद्रीय पूल के लिए पंजाब से गेहूं खरीद अप्रैल में शुरू हुई है.

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