Joint Home Loan Benefits: भारत में अब घर खरीदने का अंदाज बदल रहा है. अकेले प्रॉपर्टी खरीदने के बजाय अब पति-पत्नी या परिवार के सदस्य मिलकर घर की ओनरशिप ले रहे हैं. जॉइंट होम लोन का यह बढ़ता ट्रेंड न केवल मध्यमवर्गीय परिवारों का बोझ कम कर रहा है, बल्कि सपनों का घर खरीदना भी आसान बना रहा है. अगर आप भी पार्टनर के साथ मिलकर निवेश की योजना बना रहे हैं, तो इसके फायदे हैरान करने वाले हैं.
ज्यादा लोन और कम बोझ का डबल फायदा
जब दो लोग मिलकर होम लोन के लिए आवेदन करते हैं, तो बैंक दोनों की कमाई को जोड़कर लोन की राशि तय करता है. इससे आपकी लोन लेने की क्षमता बढ़ जाती है. उदाहरण के तौर पर, अगर 40 लाख रुपये का लोन लिया जाए, तो उसकी 32,000 से 35,000 रुपये की EMI को दो इनकम के सहारे चुकाना काफी आसान हो जाता है. बैंक को भी दो लोगों की कमाई देखकर डूबते कर्ज का डर कम रहता है.
बेहतर CIBIL स्कोर से मिलेगी सस्ती ब्याज दर
लोन लेते समय क्रेडिट स्कोर (CIBIL) की भूमिका सबसे अहम होती है. अगर जॉइंट लोन लेने वाले दोनों आवेदकों का बैंकिंग रिकॉर्ड साफ है और स्कोर शानदार है, तो बैंक कम ब्याज दर (Interest Rate) पर लोन ऑफर कर सकते हैं. ब्याज में मामूली गिरावट भी लंबे समय में लाखों रुपये की बचत करा सकती है. साथ ही, दो प्रोफाइल होने के कारण लोन मंजूरी की प्रक्रिया भी काफी तेज हो जाती है.
टैक्स सेविंग में भी है बड़ी राहत
जॉइंट ओनरशिप का सबसे बड़ा आकर्षण टैक्स में मिलने वाली छूट है. अगर घर और लोन दोनों पार्टनर्स के नाम पर हैं, तो दोनों अलग-अलग इनकम टैक्स बेनिफिट का दावा कर सकते हैं. इसके लिए जरूरी है कि प्रॉपर्टी में दोनों की हिस्सेदारी साफ तौर पर तय हो. सही प्लानिंग के जरिए एक ही घर पर दो लोग अपनी इनकम के हिसाब से भारी-भरकम टैक्स बचा सकते हैं.
सफल प्लानिंग के लिए इन बातों का रखें ध्यान
जॉइंट लोन लेते समय उस व्यक्ति को मुख्य आवेदक (Primary Applicant) बनाना चाहिए जिसकी नौकरी ज्यादा स्थिर हो और इनकम अधिक हो. इसके अलावा, लोन एग्रीमेंट में हिस्सेदारी का जिक्र स्पष्ट रूप से होना चाहिए. अगर आप भी कम EMI के बोझ और ज्यादा टैक्स बचत के साथ अपना आशियाना चाहते हैं, तो जॉइंट होम लोन एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है.
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