चुनावी खर्च पर निर्वाचन आयोग सख्त, बैंकों से 10 लाख से अधिक की निकासी पर इनकम टैक्स की कार्रवाई

Jharkhand Assembly Election 2024: निर्देश में निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा है कि अधिक पारदर्शिता और चुनाव खर्च की निगरानी में आसानी के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को एक अलग बैंक खाता खोलना होगा और केवल उसी खाते से अपना चुनाव खर्च उठाना होगा.

Jharkhand Assembly Election 2024: भारत के निर्वाचन आयोग ने झारखंड विधानसभा चुनाव 2024 के लिए तारीखों का ऐलान कर दिया है. निर्वाचन आयोग ने झारखंड में दो चरणों में चुनाव कराने का ऐलान किया है. इसमें पहले चरण का मतदान 13 नवंबर 2024 और दूसरे चरण का मतदान 20 नवंबर 2024 को कराया जाएगा. वहीं, 23 नवंबर को झारखंड विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे. निर्वाचन आयोग ने चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता से संबंधित नियमों का भी ऐलान कर दिया है. निर्वाचन आयोग की ओर से जारी की गई आदर्श आचार संहिता के अनुसार, चुनावी प्रक्रिया के दौरान कोई प्रत्याशी या उसका प्रतिनिधि या राज्य का कोई भी निवासी बैंकों से एकमुश्त 10 लाख रुपये से अधिक की निकासी करता है, तो आयकर विभाग की ओर से कठोर कार्रवाई की जाएगी.

चुनावी खर्च की निगरानी करेगा निर्वाचन आयोग

भारत के निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर चुनावी आचार संहिता में दी गई जानकारी के अनुसार, झारखंड में विधानसभा चुनाव के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से किए जाने वाले खर्च की निगरानी खुद निर्वाचन आयोग करेगा. निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के चुनाव खर्च की प्रभावी निगरानी के लिए व्यापक निर्देश जारी किया है. निर्वाचन आयोग की ओर से चुनावी खर्च पर निगरानी करने के लिए व्यय पर्यवेक्षकों, सहायक व्यय पर्यवेक्षकों, उड़न दस्ते (एफएस), स्थैतिक निगरानी दल (एसएसटी), वीडियो निगरानी दल (वीएसटी), वीडियो देखने वाले दल (वीवीटी), लेखा दल (एटी), मीडिया प्रमाणन एवं निगरानी समिति (एमसीएमसी), जिला व्यय निगरानी समिति (डीईएमसी), जिला शिकायत समिति का गठन और प्रवर्तन एजेंसियां तैनात की जाएंगी. इसके अलावा, इसमें राज्य पुलिस विभाग, राज्य आबकारी विभाग, राज्य वाणिज्य विभाग, आयकर विभाग (इन्वेस्टमेंट), सीबीआईसी, डीआरआई, सीजीएसटी, ईडी, एफआईयू-आईएनडी, एनसीबी, बीसीएएस, सीआईएसएफ, आरपीएफ, बीएसएफ, आईसीजी, डाक विभाग और राज्य वन विभाग को शामिल किया गया है.

फ्री में शराब बांटने पर प्रतिबंध

निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर दी जानकारी में यह भी कहा गया है कि झारखंड में चुनावी प्रक्रिया के दौरान फ्री में शराब के वितरण, संदिग्ध तरीके से उत्पादन और बिक्री, अवैध तरीके से भंडारण आदि पर प्रतिबंध रहेगा. इसके लिए निर्वाचन आयोग ने झारखंड राज्य आबकारी विभाग को चुनाव प्रक्रिया के दौरान शराब और मुफ्त सामान के रूप में प्रलोभन के उत्पादन, वितरण, बिक्री और भंडारण की निगरानी करने का निर्देश दिया है. पूरे राज्य में फ्लाइंग स्क्वॉड, मोबाइल टीमों के कामकाज और संचालन पर जीपीएस ट्रैकिंग और सी-विजिल ऐप के इस्तेमाल से कड़ी निगरानी रखी जाएगी.

चुनाव के लिए प्रत्याशियों को खोलना होगा नया बैंक खाता

अपने निर्देश में निर्वाचन आयोग ने यह भी कहा है कि अधिक पारदर्शिता और चुनाव खर्च की निगरानी में आसानी के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रत्याशियों को एक अलग बैंक खाता खोलना होगा और केवल उसी खाते से अपना चुनाव खर्च उठाना होगा. आयकर विभाग के जांच निदेशालय को राज्य के हवाई अड्डों पर हवाई खुफिया यूनिट्स को सक्रिय करने और झारखंड में बड़ी मात्रा में धन की आवाजाही की जांच के लिए खुफिया जानकारी एकत्र करने और आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है. पूरे चुनाव प्रक्रिया के दौरान 24 घंटे टोल फ्री नंबरों के साथ नियंत्रण कक्ष और शिकायत निगरानी केंद्र संचालित रहेंगे.

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1 लाख से अधिक की संदिग्ध निकासी पर सख्त कार्रवाई

इसके साथ ही, निर्वाचन आयाग ने जिला चुनाव अधिकारियों (डीईओ) को चुनावी प्रक्रिया के दौरान झारखंड के बैंकों से 1 लाख रुपये से अधिक की असामान्य और संदिग्ध नकदी निकासी या जमा के बारे में जानकारी प्राप्त करने और उचित सत्यापन के बाद आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. इस दौरान यदि 10 लाख रुपये से अधिक की रकम की निकासी होती है, तो डीईओ ऐसी जानकारी को आवश्यक कार्रवाई के लिए आयकर विभाग को भेजेंगे. प्रत्याशियों के चुनाव व्यय की प्रभावी निगरानी के लिए एफआईयू-आईएनडी से सीबीडीटी के साथ नकद लेनदेन रिपोर्ट (सीटीआर) और संदिग्ध लेनदेन रिपोर्ट (एसटीआर) साझा करने का अनुरोध किया गया है. डीईओ की जानकारी के आधार पर आयकर विभाग संबंधित कदम उठाने के साथ सख्त कार्रवाई करेगा.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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