जन्माष्टमी के लिए सज गया रांची का बाजार, बिक रहे फ्रिज, पंखे और 56 भोग की थाली

Janmashtami: रांची के बाजारों में बिकने वाले ज्यादातर सामान वृंदावन, दिल्ली, राजकोट, अहमदाबाद, दिल्ली और कोलकाता से मंगवाए गए हैं. रांची के बाजारों में कान्हा के लिए 56 भोग की थाली भी बिक रही है.

Janmashtami: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूरे देश में धूमधाम से मनाया जाता है. इस साल माखनचोर नंदकिशोर का यह जन्मोत्सव 26 अगस्त को मनाया जाएगा. झारखंड की राजधानी रांची में जन्माष्टमी का बाजार सज गया है. यहां के बाजार में पूजा के सामान से लेकर कान्हा के बाल रूप और उनके साज-सज्जा से जुड़ी सभी सामग्री बिकने लगी हैं. जगह-जगह बाल गोपाल के साज-सज्जा से जुड़ी सामग्री बिक रही है. दिलचस्प बात यह है कि रांची के बाजार में कान्हा को देने के लिए फ्रिज, पंखे और 56 भोग की थाली भी बिक रही है.

रांची के बाजार में उपलब्ध है कान्हा के खिलौने और बिस्तर

झारखंड की राजधानी रांची के अपर बाजार, डोरंडा, हरमू सहित विभिन्न जगहों पर बाल गोपाल की हर रूप की मूर्ति उपलब्ध है. इसके अलावा, कान्हा के खिलौने, सोने के लिए बिस्तर, टीवी, फ्रिज जैसी चीजें भी बिक रही हैं. खास बात यह है कि रांची के बाजारों में बिकने वाले ज्यादातर सामान वृंदावन, दिल्ली, राजकोट, अहमदाबाद, दिल्ली और कोलकाता से मंगवाए गए हैं. डोरंडा बाजार के दुकानदार अमित कुमार ने बताया कि लोगों को पंखे और फ्रिज खूब लुभा रहे हैं. इनका छोटा आकार आकर्षण का केंद्र बना हुआ है.

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लड्डू गोपाल का भोग रखने के लिए फ्रिज

कान्हा के लिए लाये गये फ्रिज में लड्डू गोपाल का भोग रखा जा सकता है. यह फ्रिज बिजली से चलता है, जो 6, 8, 10 और 12 इंच की साइज में उपलब्ध है. इमसें दो-तीन घंटे तक भोग रखा जा सकता है. इसे खास तौर से वृंदावन से मंगाया गया है. इसकी कीमत 800 से 1200 रुपये के बीच है. इतना ही नहीं, कान्हा के लिए दिल्ली से पंखे मंगाए गए हैं, जो 8, 10 और 12 इंच की साइज में उपलब्ध है. इसकी कीमत 300 से 550 रुपये के बीच है. वहीं, सबसे बड़ा पंखा 1000 रुपये में उपलब्ध है.

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बाजार में बिक रही 56 भोग की थाली

रांची के बाजारों में कान्हा के लिए 56 भोग की थाली भी बिक रही है. इस भोग की थाली को बनारस से मंगाया जा रहा है. इस थाली में 56 तरह की मिठाई सजी रहेगी, जिसका इस्तेमाल में कान्हा की पूजा में किया जा सकता है. मिठाई में चंद्रकला, काजू बर्फी, लड्डू, खोवा बर्फी आदि शामिल हैं. इसकी कीमत 1500-2500 रुपये के बीच है. इसके अलावा, कान्हा की सबसे प्रिय वस्तु दही भी हांडी में बेची जा रही है.

सामग्रीकीमत (रुपये में)
लाल पीतल की मूर्ति300-8000
पीतल की मूर्ति150-11000
पीतल की राधा रानी250-1500
लड्डू गोपाल का वस्त्र150-250
फैंसी ड्रेस250-2500
फ्रिज1000
पंखा350-500
बड़ा पंखा1000
मुकुट15-150
फैंसी मुकुट250-750
वस्त्र पगड़ी350-2500
बंसी10-500
पगड़ी40-250
तुलसी माला50-150
बिंदी15-100
हाथ बाला20-250
कुंडल20-100
लकड़ी झूला250-750
लकड़ी झूला (फैंसी)500-3500
झूला (पीतल)500-5000
झूला (मेटल)250-2500
सिंहासन100-750
वैजयंती माला50-100
माखन हांडी50-150
56 भोग1500-2500
सभी कीमतें रांची के बाजारों की.

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लेखक के बारे में

By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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