ITR-7 फाइलिंग शुरू, आपकी संस्था पर लागू होता है या नहीं? ऐसे करें मिनटों में चेक

ITR Filing 2026: अगर आपकी संस्था कोई ट्रस्ट, NGO, कॉलेज, यूनिवर्सिटी, रिसर्च संस्था या राजनीतिक दल है, तो आपके लिए एक जरूरी अपडेट है.

ITR Filing 2026: इनकम टैक्स विभाग ने Assessment Year (AY) 2026-27 के लिए ITR-7 Excel Utility जारी कर दी है. यानी अब पात्र संस्थाएं अपना इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल करना शुरू कर सकती हैं.

ध्यान देने वाली बात यह है कि नए इनकम टैक्स एक्ट को लेकर भले ही चर्चा हो रही हो, लेकिन FY 2025-26 (1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026) की इनकम के लिए दाखिल होने वाला AY 2026-27 का ITR अभी भी इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के तहत ही भरा जाएगा. नया कानून अगले फाइलिंग सीजन से लागू होगा.

किन लोगों को भरना होता है ITR-7?

ITR-7 आम नौकरीपेशा या बिजनेस करने वाले लोगों के लिए नहीं है. यह सिर्फ उन संस्थाओं और लोगों के लिए है, जिन्हें इनकम टैक्स एक्ट, 1961 की कुछ खास धाराओं के तहत रिटर्न दाखिल करना होता है.

धाराकिस पर लागू होती है
Section 139(4A)ऐसे ट्रस्ट जिनकी आय धार्मिक या चैरिटेबल उद्देश्यों के लिए रखी गई संपत्ति से होती है
Section 139(4B)हर राजनीतिक दल का मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO)
Section 139(4C)रिसर्च एसोसिएशन, न्यूज एजेंसी और धारा 10 में बताई गई अन्य संस्थाएं
Section 139(4D)यूनिवर्सिटी, कॉलेज और धारा 35 में आने वाले अन्य शैक्षणिक संस्थान

यानी अगर आपकी संस्था इनमें से किसी भी श्रेणी में आती है, तो आपको ITR-7 फाइल करना होगा.

ITR-7 Excel Utility कैसे डाउनलोड करें?

अगर आप पहली बार ITR-7 भरने जा रहे हैं, तो सबसे पहले इसकी Excel Utility डाउनलोड करनी होगी. इसके लिए ये आसान स्टेप्स फॉलो करें.

  • Income Tax e-Filing Portal के Downloads सेक्शन में जाएं.
  • संबंधित Assessment Year (AY 2026-27) चुनें.
  • ITR Form की सूची में ITR-7 चुनें.
  • यहां Excel Utility, Schema और Validations का ऑप्शन मिलेगा.
  • Excel Utility पर क्लिक करके फाइल डाउनलोड करें.
  • डाउनलोड की गई Excel फाइल को अपने सिस्टम में खोलकर रिटर्न भरना शुरू करें.

ITR-7 कैसे फाइल और वेरिफाई करें?

ITR-7 केवल Income Tax Department के e-Filing Portal पर ऑनलाइन फाइल किया जा सकता है. रिटर्न भरने के बाद उसका वेरिफिकेशन भी जरूरी होता है.

वेरिफिकेशन के लिए ये चार ऑप्शन दिए गए हैं।

  • डिजिटल सिग्नेचर 
  • इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड (ईवीसी) 
  • आधार ओटीपी
  • हस्ताक्षर किया हुआ ITR-V (इनकम टैक्स रिटर्न वेरिफिकेशन फॉर्म) डाक के जरिए सेंट्रलाइज्ड प्रोसेसिंग सेंटर (सीपीसी), इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, बेंगलुरु – 560500, कर्नाटक भेजकर

अगर आप चौथा तरीका चुनते हैं, तो ध्यान रखें कि ITR-V फॉर्म ई-फाइलिंग के 120/30 दिनों के भीतर CPC पहुंच जाना चाहिए. फॉर्म मिलने के बाद विभाग आपके e-Filing अकाउंट में दर्ज ई-मेल पर इसकी पुष्टि भेज देगा. हालांकि, राजनीतिक दलों के लिए डिजिटल सिग्नेचर के जरिए रिटर्न दाखिल करना अनिवार्य है। उनके लिए दूसरा कोई ऑप्शन मान्य नहीं है.

ITR-7 भरने की आखिरी तारीख क्या है?

रिटर्न भरने की अंतिम तारीख इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी संस्था का ऑडिट होना जरूरी है या नहीं.

संस्थाआखिरी तारीख
जिन संस्थाओं का ऑडिट जरूरी नहीं है15 सितंबर (संबंधित असेसमेंट ईयर)
जिन संस्थाओं का ऑडिट जरूरी है, जिनमें कंपनियां भी शामिल हैं31 अक्टूबर (संबंधित असेसमेंट ईयर)

अगर आपकी संस्था ITR-7 के दायरे में आती है, तो आखिरी तारीख का इंतजार करने के बजाय समय रहते रिटर्न भरना बेहतर रहेगा. साथ ही सही ITR फॉर्म चुनना भी जरूरी है, क्योंकि गलत फॉर्म चुनने पर आगे चलकर टैक्स विभाग की ओर से नोटिस जैसी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.

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लेखक के बारे में

Published by: Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.
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