Stock Market: ग्लोबल टेंशन और युद्ध की आहट ने भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली को सहमा दिया है. सोमवार, 13 अप्रैल को शेयर बाजार खुलते ही दबाव में दिखा और अंत तक रिकवरी के कोई संकेत नहीं मिले. चौतरफा बिकवाली के कारण निवेशकों की संपत्ति में भारी सेंध लगी है.
बाजार की बड़ी गिरावट के मुख्य कारण
- डिप्लोमेसी फेल: ईरान और अमेरिका के बीच पाकिस्तान में हुई 21 घंटे की मैराथन वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की ‘नो डील’ वाली टिप्पणी ने वैश्विक बाजारों में डर का माहौल बना दिया है.
- कच्चे तेल में उबाल: वार्ता विफल होने और अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी की खबरों ने तेल बाजार में आग लगा दी है. ब्रेंट क्रूड 7% उछलकर 102 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है.
- FIIs की भारी निकासी: अप्रैल महीने में अब तक विदेशी निवेशकों ने ₹48,213 करोड़ की निकासी की है, जो बाजार के लिए एक बड़ा ‘सप्लाई प्रेशर’ (बिकवाली का दबाव) पैदा कर रहा है.
सेक्टर का हाल और रुपए की स्थिति
बाजार में आज ऑटो और FMCG शेयरों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने से इन कंपनियों की लागत बढ़ने का डर है. वहीं, डॉलर के मुकाबले रुपया भी ऐतिहासिक कमजोरी की ओर है और विशेषज्ञों के अनुसार यह जल्द ही 93.50 से 94 के स्तर को छू सकता है.
| सूचकांक | बंद भाव | गिरावट (अंक) | गिरावट (%) |
| सेंसेक्स (Sensex) | 76,848 | 703 ↓ | 0.91% |
| निफ्टी (Nifty) | 23,843 | 208 ↓ | 0.86% |
| ब्रेंट क्रूड (Oil) | $102 | +7% ↑ | — |
| रुपया (INR) | ~93.32 | 49 पैसे ↓ | — |
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