Indigo Airlines Ticket Fee: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी इंडिगो ने अपनी कई ऐड-ऑन (अतिरिक्त) सेवाओं की दरों में बढ़ोतरी कर दी है. अब छोटे बच्चों (Infants) के साथ सफर करने, अकेला यात्रा करने वाले बच्चों (Unaccompanied Minors), ज्यादा सामान ले जाने और प्रायोरिटी बोर्डिंग जैसी सुविधाओं के लिए यात्रियों को पहले से अधिक शुल्क देना होगा.
किस सेवा के लिए अब कितने रुपये चुकाने होंगे?
एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट के मुताबिक, इंडिगो ने अपनी कई प्रमुख सेवाओं की फीस बढ़ा दी है. सबसे ज्यादा असर दो साल से कम उम्र के बच्चों के साथ सफर करने वाले माता-पिता पर पड़ेगा. हालांकि इन बच्चों के लिए अलग से सीट नहीं मिलती, लेकिन फिर भी इनका टिकट लेना अनिवार्य होता है.
नीचे दी गई टेबल से समझिए कि किस सेवा में कितनी बढ़ोतरी हुई है:
| सेवा का नाम | पुराना चार्ज (Rs) | नया चार्ज (Rs) | बढ़ोतरी (Rs) |
| इन्फेंट फीस (2 साल से छोटे बच्चे) | ₹2,000 | ₹3,000 | ₹1,000 |
| अकेले सफर करने वाले बच्चे (Unaccompanied Minors) | ₹5,000 | ₹5,999 | ₹999 |
| एक्स्ट्रा लगेज (प्रति किलो) | ₹700 | ₹800 | ₹100 |
| प्रायोरिटी चेक-इन और बोर्डिंग | ₹450 | ₹650 | ₹200 |
| ट्रैवल सर्टिफिकेट | ₹200 | ₹300 | ₹100 |
ये नए नियम कब से लागू हुए हैं?
कंपनी ने इन बदलावों को चरणबद्ध तरीके से लागू किया है:
- एक्स्ट्रा लगेज चार्ज: यह दर 1 अगस्त से ही प्रभावी हो चुकी है.
- इन्फेंट टिकट फीस: बच्चों से जुड़े नए शुल्क सितंबर की शुरुआत से लागू किए गए हैं.
अनुमान है कि इन्फेंट फीस में हुई 1,000 रुपये की बढ़ोतरी से करीब 10 लाख छोटे यात्रियों के परिवार प्रभावित होंगे. इससे एयरलाइन को लगभग 90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त कमाई होने की उम्मीद है.
एयरलाइन ने चार्ज क्यों बढ़ाए?
इंडिगो का कहना है कि यह संशोधन कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं है, बल्कि यह उनकी नियमित टैरिफ समीक्षा (Tariff Review) प्रक्रिया का हिस्सा है. एयरलाइंस बढ़ती लागत और ऑपरेटिंग खर्चों के माहौल को देखते हुए समय-समय पर अपनी एक्स्ट्रा सेवाओं के दामों का पुनर्मूल्यांकन करती हैं. भारत में एयरलाइंस हर महीने की शुरुआत में जरूरत के हिसाब से ऐसी दरों में बदलाव करती हैं.
ध्यान देने वाली बात यह भी है कि केवल इंडिगो ही नहीं, बल्कि एयर इंडिया जैसी अन्य एयरलाइंस भी समय-समय पर अपनी ऐड-ऑन सेवाओं के चार्ज में बदलाव करती रहती हैं.
