सेंसेक्स-निफ्टी धड़ाम, कच्चे तेल के बढ़ते दाम ने बिगाड़ा बाजार का हाल

Indian Stock Market 30 April 2026: ब्रेंट क्रूड के 124 डॉलर पार करने से भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखी गई है. विदेशी निवेशकों की बिकवाली और रुपये की कमजोरी ने बाजार का मूड बिगाड़ दिया है. जानिए अब आगे क्या होगा.

Indian Stock Market 30 April 2026: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार का दिन बड़ी गिरावट लेकर आया. सेंसेक्स और निफ्टी दोनों ही इंडेक्स भारी बिकवाली के दबाव में खुले. निफ्टी 50 करीब 278 अंकों की गिरावट के साथ 23,899 पर खुला, जबकि सेंसेक्स में 900 अंकों से ज्यादा की बड़ी गिरावट देखी गई. बाजार में इस हाहाकार के पीछे सबसे बड़ा कारण इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Brent Crude) की कीमतों का 124 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचना है. 

क्यों बढ़ रही है तेल की कीमतें?

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कड़े रुख और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की नौसैनिक नाकेबंदी के कारण तेल की सप्लाई ठप होने का डर बना हुआ है. अमेरिका ने ईरान के बातचीत के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, जिससे इन्वेस्टर्स को लग रहा है कि यह संकट लंबा खिंचेगा. भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल इंपोर्ट करता है, इसलिए तेल महंगा होने का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था और रुपये पर पड़ रहा है. 

इन्वेस्टर्स में डर का माहौल क्यों है?

बाजार में केवल तेल ही नहीं, बल्कि विदेशी इन्वेस्टर्स (FIIs) की लगातार बिकवाली ने भी माहौल बिगाड़ा है. बुधवार को विदेशी इन्वेस्टर्स ने करीब 2,468 करोड़ रुपये के शेयर बेचे. हालांकि घरेलू इन्वेस्टर्स ने बाजार को संभालने की कोशिश की, लेकिन वैश्विक संकेतों और मंथली एक्सपायरी के कारण बाजार संभल नहीं पाया. साथ ही, रुपया कमजोर होकर प्रति डॉलर 95 रुपये के करीब पहुंच गया है, जिससे इन्वेस्टर्स की चिंता और बढ़ गई है.

किन सेक्टर्स पर पड़ी सबसे ज्यादा मार?

बाजार की इस गिरावट में कोई भी सेक्टर अछूता नहीं रहा. ऑटो, पीएसयू बैंक और मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा कमजोरी देखी गई. निफ्टी ऑटो में 1.84% और पीएसयू बैंकों में 1.73% की गिरावट दर्ज की गई. जापान के निक्केई और हांगकांग के हैंग सेंग जैसे अन्य एशियाई बाजारों में भी गिरावट का रुख रहा, जिसका असर भारतीय ट्रेडिंग सेंटिमेंट पर पड़ा. 

अब आगे क्या होगा?

जानकारों का मानना है कि जब तक अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव का जोखिम कम नहीं होता, बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा. आने वाले लंबे वीकेंड को देखते हुए भी ट्रेडर्स अपनी पोजीशन कम कर रहे हैं. फिलहाल बाजार वेट एंड वॉच की स्थिति में है और सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या खाड़ी देशों में तनाव कम करने के लिए कोई नया समझौता हो पाता है या नहीं. 

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लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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