डॉलर के मुकाबले रुपया हुआ तगड़ा: 61 पैसे की शानदार बढ़त के साथ ₹94.57 के स्तर पर पहुंचा, जानें क्या है वजह

Rupee vs Dollar : कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता के बीच भारतीय रुपया 61 पैसे की बड़ी मजबूती के साथ 94.57 प्रति डॉलर पर बंद हुआ.

Rupee vs Dollar : भारतीय मुद्रा ‘रुपये’ के लिए आज का दिन काफी राहत भरा रहा. बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 61 पैसे की बड़ी मजबूती के साथ 94.57 (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ. पिछले कुछ समय से दबाव झेल रहे रुपये के लिए यह एक बड़ी रिकवरी मानी जा रही है.

रुपये की मजबूती के 3 मुख्य कारण

  1. कच्चे तेल में भारी गिरावट: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ समझौते के संकेत देने के बाद वैश्विक बाजार में ब्रेंट क्रूड (कच्चा तेल) 8% से ज्यादा टूट गया और 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया. भारत के लिए कच्चा तेल सस्ता होने का सीधा मतलब है कम डॉलर बाहर जाना, जिससे रुपये को मजबूती मिलती है.
  2. ट्रंप का ‘ट्रुथ सोशल’ पोस्ट : ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत में “बड़ी प्रगति” हुई है. उन्होंने जहाजों को सुरक्षा देने वाला ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ भी रोक दिया है. इस शांति की खबर से दुनिया भर की मुद्राओं के मुकाबले डॉलर थोड़ा कमजोर हुआ, जिसका फायदा रुपये को मिला.
  3. RBI की ‘अप्रत्यक्ष’ रणनीति: बाजार के जानकारों के मुताबिक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) रुपये को सहारा देने के लिए नई तकनीक अपना रहा है. सीधे तौर पर विदेशी मुद्रा भंडार खर्च करने के बजाय, सरकार बैंकों को ‘विदेशी मुद्रा बॉन्ड’ के जरिए डॉलर जुटाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है ताकि बाजार में डॉलर की सप्लाई बनी रहे.

आज के कारोबार का उतार-चढ़ाव

  • शुरुआत: रुपया डॉलर के मुकाबले 95.00 पर खुला.
  • दिन का निचला स्तर: कारोबार के दौरान यह 95.18 तक भी गया.
  • अंतिम स्थिति: 61 पैसे की छलांग लगाकर 94.57 पर बंद हुआ.
  • पिछला बंद भाव: मंगलवार को रुपया 95.18 पर था.

शेयर बाजार और डॉलर इंडेक्स

रुपये के साथ-साथ आज सेंसेक्स में भी 940 अंकों की जोरदार तेजी देखी गई. वहीं, दुनिया की प्रमुख 6 मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती दिखाने वाला ‘डॉलर इंडेक्स’ भी 0.66% गिरकर 97.79 पर आ गया, जिसने भारतीय मुद्रा की राह आसान कर दी.

आम आदमी पर क्या होगा असर ?

रुपये के मजबूत होने से विदेशों से आयात होने वाली चीजें (जैसे मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कच्चा तेल) सस्ती होने की संभावना बढ़ती है. साथ ही, यह विदेशी निवेशकों का भरोसा भी बढ़ाता है.

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लेखक के बारे में

By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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