USD vs INR: मिडिल ईस्ट में जारी जंग का असर अब भारतीय रुपये और शेयर बाजार पर भी साफ दिखने लगा है. बुधवार को रुपये में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह डॉलर के मुकाबले एक बार फिर कमजोर होकर बंद हुआ.
डॉलर के मुकाबले रुपया फिसला
बुधवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया 16 पैसे टूटकर 92.01 पर बंद हुआ.
- शुरुआत और उतार-चढ़ाव: रुपया सुबह 91.92 पर खुला था और दिन भर के उतार-चढ़ाव के बाद 92.01 के स्तर पर जाकर थमा.
- रिकॉर्ड से दूरी: मंगलवार को रुपया संभलकर 91.85 पर बंद हुआ था, लेकिन बुधवार को आई गिरावट ने फिर से चिंता बढ़ा दी है.
क्यों टूट रहा है रुपया ?
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, रुपये के गिरने के पीछे तीन मुख्य कारण हैं:
- कच्चे तेल में उबाल: मिडिल ईस्ट संकट की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 5.44% बढ़कर 92.58 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. भारत तेल का बड़ा खरीदार है, इसलिए तेल महंगा होने से रुपये पर दबाव बढ़ता है.
- मजबूत होता डॉलर: दुनिया की प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर इंडेक्स मजबूत होकर 98.96 पर पहुंच गया है.
- शेयर बाजार की कमजोरी: भारतीय शेयर बाजारों में आई भारी गिरावट की वजह से विदेशी निवेशकों (FIIs) ने जमकर पैसा निकाला है. अकेले मंगलवार को ही उन्होंने 4,672 करोड़ रुपये के शेयर बेचे.
शेयर बाजार का बुरा हाल
विदेशी निवेशकों की निकासी और युद्ध की चिंता ने बाजार को लाल निशान में धकेल दिया
- सेंसेक्स: 1,342 अंक टूटकर 76,863 पर बंद हुआ.
- निफ्टी: 394 अंक फिसलकर 23,866 पर आ गया.
विशेषज्ञों की राय
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले दिनों में भी रुपया दबाव में रह सकता है. अनुमान है कि यह डॉलर के मुकाबले 91.70 से 92.40 की रेंज में कारोबार करेगा. पूरा बाजार अब इस बात पर नजर टिकाए हुए है कि मिडिल ईस्ट के हालात आगे क्या मोड़ लेते हैं.
