Rupee vs Dollar : भारतीय रुपया मंगलवार को शुरुआती कारोबार में ही 20 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.43 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया. वैश्विक अनिश्चितता के कारण निवेशकों के बीच डर का माहौल है, जिसका सीधा असर भारतीय मुद्रा पर दिख रहा है.
गिरावट के पीछे तीन मुख्य कारण हैं
- सैन्य संघर्ष: हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी और ईरानी सेनाओं के बीच नई झड़प ने वैश्विक बाजार को अस्थिर कर दिया है. जब भी युद्ध जैसे हालात बनते हैं, निवेशक ‘सुरक्षित निवेश’ के तौर पर डॉलर की ओर भागते हैं, जिससे डॉलर मजबूत और रुपया कमजोर होता है.
- कच्चा तेल (Brent Crude): ब्रेंट क्रूड की कीमतें $113 प्रति बैरल के आसपास बनी हुई हैं. भारत अपनी जरूरत का 80% से ज्यादा तेल आयात करता है. तेल महंगा होने का मतलब है कि भारत को भुगतान के लिए ज्यादा डॉलर खर्च करने पड़ रहे हैं, जिससे रुपये की मांग कम हो रही है.
- डॉलर इंडेक्स में मजबूती: छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की स्थिति बताने वाला डॉलर सूचकांक (Index) 0.15% बढ़कर 98.51 पर पहुंच गया है.
शेयर बाजार और विदेशी निवेश
मुद्रा बाजार की हलचल का असर शेयर बाजार पर भी दिखा.
- सेंसेक्स: शुरुआती कारोबार में ही करीब 361 अंक फिसल गया.
- निफ्टी: 134 अंक गिरकर 24,000 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे (23,980.60) आ गया.
- राहत की बात: भारी बिकवाली के बीच सोमवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने ₹2,835 करोड़ की खरीदारी की थी, जो एक सकारात्मक संकेत है.
| मानक | वर्तमान स्थिति (5 मई सुबह) |
| रुपया (बनाम डॉलर) | ₹95.43 (20 पैसे की गिरावट) |
| पिछला बंद स्तर | ₹95.23 (सोमवार) |
| डॉलर इंडेक्स | 98.51 (मजबूत) |
| ब्रेंट क्रूड | $113.22 प्रति बैरल |
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