अनाज, डेयरी और मांस पर नहीं झुका भारत, व्यापार समझौते में सख्त नीति

India-US trade deal: मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पॉल्ट्री, दूध, पनीर, एथनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे उत्पादों को विशेष श्रेणी में रखा गया है. सरकार का मानना है कि ये सेक्टर करोड़ों किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय का मुख्य स्रोत हैं, इसलिए इन्हें बाहरी प्रतिस्पर्धा से बचाना जरूरी है. भारत पहले भी कई मुक्त व्यापार समझौतों में कृषि और डेयरी उत्पादों को छूट देने से बचता रहा है.

India-US trade deal: भारत और अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते में देश के संवेदनशील कृषि और डेयरी क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है. सरकार ने साफ किया है कि छोटे और सीमांत किसानों की आजीविका से जुड़े उत्पादों पर किसी भी तरह की शुल्क रियायत नहीं दी गई है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर कोई असर न पड़े.

कृषि उत्पादों पर नहीं दी गई छूट

इस समझौते में मक्का, गेहूं, चावल, सोया, पॉल्ट्री, दूध, पनीर, एथनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे उत्पादों को विशेष श्रेणी में रखा गया है. सरकार का मानना है कि ये सेक्टर करोड़ों किसानों और ग्रामीण परिवारों की आय का मुख्य स्रोत हैं, इसलिए इन्हें बाहरी प्रतिस्पर्धा से बचाना जरूरी है. भारत पहले भी कई मुक्त व्यापार समझौतों में कृषि और डेयरी उत्पादों को छूट देने से बचता रहा है.

व्यापार बढ़ाने के साथ निर्यात को बढ़ावा

इस समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती करेगा, जिससे भारत के निर्यातकों को फायदा मिलने की उम्मीद है. सरकार का लक्ष्य अगले चार वर्षों में कृषि, समुद्री उत्पाद और खाद्य-पेय से जुड़े निर्यात को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाना है. चाय, कॉफी, मसाले, चावल, काजू, तिलहन, फल और सब्जियां प्रमुख निर्यात वस्तुएं हैं.

किसानों की सुरक्षा और संतुलित नीति पर जोर

भारत में कृषि करोड़ों लोगों की आजीविका का आधार है, इसलिए सरकार इस क्षेत्र को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए है. आयात शुल्क और नियमों के जरिए घरेलू किसानों को सुरक्षा दी जाती है, ताकि उन्हें अंतरराष्ट्रीय बाजार की कड़ी प्रतिस्पर्धा का नुकसान न उठाना पड़े. समझौते में भी यही संतुलन दिखता है जहां निर्यात बढ़ाने पर जोर है, वहीं संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया गया है.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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