India US Trade: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि भारत आने वाले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर तक का सामान खरीद सकता है और इसमें कोई बड़ी समस्या नहीं होगी. उनका मानना है कि तेजी से बढ़ती भारतीय अर्थव्यवस्था में इतनी मांग पैदा होगी कि यह आंकड़ा बहुत बड़ा नहीं बल्कि सामान्य लगेगा. उन्होंने बताया कि भारत फिलहाल भी कई ऐसे उत्पाद विदेशों से आयात करता है, जिन्हें आसानी से अमेरिका से खरीदा जा सकता है. आने वाले समय में व्यापार और निवेश बढ़ने के साथ यह आयात और तेज हो सकता है.
किन क्षेत्रों में बढ़ेगा आयात
सरकार के अनुसार भारत ऊर्जा, विमानन, प्रौद्योगिकी और धातु जैसे कई क्षेत्रों में अमेरिका से खरीद बढ़ा सकता है. इनमें तेल, एलएनजी, एलपीजी, विमान और उनके इंजन, कीमती धातुएं, कोकिंग कोल, आईटी और हाई-टेक मशीनरी शामिल हैं. भारत में डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर तेजी से काम हो रहा है. इसके लिए आधुनिक उपकरण, चिप्स और टेक्नोलॉजी की जरूरत पड़ेगी, जिसकी बड़ी सप्लाई अमेरिका से संभव है.
विमानन और ऊर्जा सेक्टर की बड़ी जरूरत
गोयल ने कहा कि भारत को आने वाले वर्षों में विमानों, उनके इंजन और कलपुर्जों की भारी जरूरत होगी. पहले से ही कई बड़े ऑर्डर दिए जा चुके हैं और आगे भी नए ऑर्डर आने की संभावना है. ऊर्जा क्षेत्र में भी मांग बढ़ रही है. देश की बढ़ती अर्थव्यवस्था, उद्योग और बिजली की जरूरतों को देखते हुए कच्चे तेल, गैस और कोकिंग कोल का आयात बढ़ेगा. स्टील सेक्टर के विस्तार के कारण कोकिंग कोल की मांग खास तौर पर तेजी से बढ़ने वाली है.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से बढ़ेगी रफ्तार
हाल ही में भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते के पहले चरण का ढांचा तैयार किया है. इसके तहत दोनों देश व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं. भारत का लक्ष्य है कि वह वैश्विक सप्लाई चेन में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाए और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़े.
सरकार का मानना है कि अमेरिका के साथ मजबूत व्यापारिक साझेदारी से देश में मैन्युफैक्चरिंग, डिजिटल सेक्टर और इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़ा फायदा मिलेगा. गोयल ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यस्थाओं में से एक है और भविष्य में इसकी मांग कई गुना बढ़ेगी. ऐसे में अमेरिका से सालाना बड़ी मात्रा में आयात करना देश की जरूरतों के हिसाब से बिल्कुल सामान्य और जरूरी कदम होगा.
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