ISSA Award: भारत को मिला आईएसएसए अवॉर्ड, पुरस्कार पाने वाला बना 5वां देश

ISSA Award: भारत को अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (आईएसएसए) पुरस्कार से सम्मानित किया गया. यह देश इस सम्मान को पाने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया. श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने मलेशिया में भारत की ओर से पुरस्कार ग्रहण किया. सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में 19% से बढ़कर 2025 में 64.3% हो गया है. सरकार डिजिटल सुधार, वित्तीय पहुंच और कौशल विकास के माध्यम से समावेशी सामाजिक सुरक्षा को मजबूत कर रही है. यह उपलब्धि भारत की वैश्विक पहचान को बढ़ाती है.

ISSA Award: भारत को सामाजिक सुरक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धि के लिए अंतरराष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा संघ (आईएसएसए) अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है. इस तरह भारत यह प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया है. श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी. उसने कहा कि यह उपलब्धि भारत को वैश्विक स्तर पर सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाले अग्रणी देशों की सूची में शामिल करती है.

सामाजिक सुरक्षा में भारत की उपलब्धि

आईएसएसए अवॉर्ड हर तीन साल में विश्व सामाजिक सुरक्षा मंच (डब्ल्यूएसएसएफ) पर प्रदान किया जाता है. इस बार भारत को यह सम्मान सामाजिक सुरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने और व्यापक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए मिला है. मंत्रालय के मुताबिक, यह पुरस्कार भारत की उन नीतिगत पहलों का परिणाम है, जिन्होंने आम नागरिक तक सामाजिक सुरक्षा पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाई है.

मांडविया ने भारत की ओर से ग्रहण किया सम्मान

केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा मामले और खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर में भारत सरकार की ओर से यह पुरस्कार ग्रहण किया. उन्होंने कहा, “यह सम्मान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दृष्टिकोण का प्रमाण है, जिसमें पंक्ति में अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने और समावेशी सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की परिकल्पना की गई थी.”

सामाजिक सुरक्षा कवरेज में तेजी से वृद्धि

मांडविया ने बताया कि भारत का सामाजिक सुरक्षा कवरेज 2015 में जहां मात्र 19% था, वहीं 2025 में यह बढ़कर 64.3% तक पहुंच गया है. यह तेजी सरकार के डिजिटल सुधारों, वित्तीय पहुंच, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने वाली योजनाओं का परिणाम है.

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ब्राजील को मिला था पहला आईएसएसए अवॉर्ड

आईएसएसए अवॉर्ड की शुरुआत 2013 में हुई थी. ब्राजील को यह सम्मान सबसे पहले मिला, उसके बाद क्रमशः चीन (2016), रवांडा (2019) और आइसलैंड (2022) को यह पुरस्कार दिया गया. अब भारत इस सूची में शामिल होकर पांचवां देश बन गया है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली की मजबूती और वैश्विक स्तर पर उसकी बढ़ती साख को दर्शाती है.

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लेखक के बारे में

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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