Income Tax: आज के समय में भारतीय निवेशक आसानी से Apple और Tesla जैसी विदेशी कंपनियों में पैसा लगा रहे हैं. इससे कमाई के नए रास्ते खुले हैं, लेकिन इसके साथ टैक्स से जुड़ी जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं. छोटी सी लापरवाही भी आपको भारी जुर्माने में डाल सकती है.
पूरी विदेशी कमाई दिखाना है जरूरी
अगर आप भारत में रहते हैं, तो आपकी पूरी ग्लोबल इनकम टैक्स के दायरे में आती है. यानी चाहे कमाई भारत से हो या विदेश से, आपको ITR में उसकी जानकारी देना जरूरी है. कई बार विदेशी कंपनियां डिविडेंड देने से पहले ही टैक्स काट लेती हैं, जिससे लोगों को लगता है कि अब इसे भारत में दिखाने की जरूरत नहीं है. लेकिन ऐसा नहीं है. आपको पूरी कमाई ITR में बतानी होती है. हां, ‘फॉरेन टैक्स क्रेडिट’ लेकर आप डबल टैक्स से बच सकते हैं.
शेड्यूल FA में सिर्फ जानकारी देना काफी नहीं
ITR भरते समय लोग अक्सर एक बड़ी गलती कर देते हैं. वे ‘शेड्यूल FA’ में अपने विदेशी शेयरों की जानकारी तो ठीक से भर देते हैं, लेकिन उन शेयरों से हुई कमाई को दिखाना भूल जाते हैं. ध्यान रखें कि शेड्यूल FA सिर्फ आपकी विदेशी संपत्ति की जानकारी देने के लिए होता है, कमाई दिखाने के लिए नहीं. डिविडेंड (लाभांश) को हमेशा ‘अन्य स्रोत से आय’ में अलग से दिखाना जरूरी होता है. अगर आपने ऐसा नहीं किया, तो आपका ITR तकनीकी रूप से गलत माना जा सकता है और आगे परेशानी खड़ी हो सकती है.
200% तक लग सकता है जुर्माना
अब आयकर विभाग पहले से कहीं ज्यादा एडवांस और सख्त हो चुका है. कई देशों के साथ डेटा शेयरिंग व्यवस्था होने के कारण आपकी विदेशी कमाई की जानकारी आसानी से विभाग तक पहुंच जाती है. ऐसे में अगर आपने अपनी कमाई छिपाई, तो इसे ‘अंडर-रिपोर्टिंग’ माना जाएगा. इस स्थिति में आप पर 50% से लेकर 200% तक का भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, जो आपकी कमाई से भी ज्यादा नुकसान पहुंचा सकता है.
गलती सुधारने का मौका भी है
अगर आपसे पहले ITR भरते समय कोई गलती हो गई है, तो घबराने की जरूरत नहीं है. सरकार आपको ‘Updated ITR’ के जरिए अपनी गलती सुधारने का मौका देती है. अगर आप 1 साल के अंदर सुधार करते हैं, तो आपको 25% अतिरिक्त टैक्स देना होगा, जबकि 1 से 2 साल के बीच सुधार करने पर यह बढ़कर 50% हो जाता है.
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