Income Tax: महंगी शादियां बनीं टैक्स चोरी का जरिया, आयकर विभाग ने शुरू की छानबीन

Income Tax: भारत में हाल के वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल और महंगी शादियां हुई हैं.अब इन भव्य शादियों पर आयकर विभाग की नजर है

Income Tax: भारत में हाल के वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल और महंगी शादियां हुई हैं जिनमें भव्य इंतजाम के चलते भारी मात्रा में पैसा खर्च किया गया. अब इन भव्य शादियों पर आयकर विभाग की नजर है और खर्चों के हिसाब-किताब को लेकर कार्रवाई की जा सकती है.

आयकर विभाग की जांच का दायरा

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार आयकर विभाग ने जयपुर में लगभग ₹7500 करोड़ की टैक्स चोरी के संदेह में करीब 20 वेडिंग प्लानर्स की जांच शुरू की है. यह जांच मुख्य रूप से कैश ट्रांजेक्शन, म्यूल अकाउंट्स और फर्जी बिलों के उपयोग पर केंद्रित है. इसके अलावा विभाग का ध्यान विदेशों में डेस्टिनेशन वेडिंग और विदेशी मुद्रा नियमों के उल्लंघन पर भी है.

भारी खर्च और नकली बिलों का उपयोग

इस साल ऐसी कई शादियां हुईं जिनमें करोड़ों रुपये खर्च किए गए. इन शादियों में महंगे होटल और बॉलीवुड सितारों की मौजूदगी और भव्य सजावट पर बड़ी रकम खर्च हुई. रिपोर्ट के अनुसार केवल एक साल में इन शादियों पर लगभग ₹7500 करोड़ के नकद लेन-देन हुए. हैरानी की बात यह है कि इन खर्चों को कम दिखाने के लिए नकली बिलों का सहारा लिया गया. इतना ही नहीं बेंगलुरु और हैदराबाद से हवाला ऑपरेटर्स और म्यूल अकाउंट्स के जरिए भी फंड का इस्तेमाल किया गया.

Income Tax Department की कार्रवाई

आयकर विभाग ने इस हफ्ते तलाशी अभियान शुरू किया है जो कुछ दिनों तक चलेगा. अधिकारियों के अनुसार यह जांच जल्द ही विदेशी गंतव्य शादियों तक बढ़ाई जा सकती है, जहां चार्टर्ड उड़ानों के जरिए मेहमानों और सितारों को विदेश ले जाया जाता है. अब विभाग शादी के खर्चों की गहराई से जांच कर रहा है जिसमें मेहमानों की सूची, खान-पान, सजावट और अन्य व्यवस्थाओं का लेखा-जोखा शामिल है. इसके तहत कैटरिंग फर्मों और आयोजकों से भी पूछताछ की जा सकती है. भव्य और महंगी शादियां अब सिर्फ शो-ऑफ का जरिया नहीं रहीं बल्कि आयकर विभाग की कड़ी निगरानी में आ चुकी हैं. अगर टैक्स चोरी के प्रमाण मिले तो जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है.

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By Abhishek Pandey

अभिषेक पाण्डेय पिछले 2 वर्षों से प्रभात खबर (Prabhat Khabar) में डिजिटल जर्नलिस्ट के रूप में कार्यरत हैं। उन्होंने पत्रकारिता के प्रतिष्ठित संस्थान 'दादा माखनलाल की बगिया' यानी माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल (MCU) से मीडिया की बारीकियां सीखीं और अपनी शैक्षणिक योग्यता पूरी की है। अभिषेक को वित्तीय जगत (Financial Sector) और बाजार की गहरी समझ है। वे नियमित रूप से स्टॉक मार्केट (Stock Market), पर्सनल फाइनेंस, बजट और बैंकिंग जैसे जटिल विषयों पर गहन शोध के साथ विश्लेषणात्मक लेख लिखते हैं। इसके अतिरिक्त, इंडस्ट्री न्यूज, MSME सेक्टर, एग्रीकल्चर (कृषि) और केंद्र व राज्य सरकार की सरकारी योजनाओं (Sarkari Yojana) का प्रभावी विश्लेषण उनके लेखन के मुख्य क्षेत्र हैं। आम जनमानस से जुड़ी यूटिलिटी (Utility) खबरों और प्रेरणादायक सक्सेस स्टोरीज को पाठकों तक पहुँचाने में उनकी विशेष रुचि है। तथ्यों की सटीकता और सरल भाषा अभिषेक के लेखन की पहचान है, जिसका उद्देश्य पाठकों को हर महत्वपूर्ण बदलाव के प्रति जागरूक और सशक्त बनाना है।

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