मम्मी-पापा को किराया देकर भी क्लेम कर सकते हैं HRA, जानें क्या है तरीका

HRA Tax Benefit: किराये के घर में रहकर इनकम टैक्स बचाना अब बहुत आसान है. इस आर्टिकल में जानिए HRA छूट पाने के नियम, कैलकुलेशन का सही तरीका और जरूरी डॉक्यूमेंट्स की पूरी जानकारी.

HRA Tax Benefit: अगर आप नौकरीपेशा हैं और किराये के मकान में रहते हैं, तो आपकी सैलरी का HRA (House Rent Allowance) वाला हिस्सा आपको टैक्स बचाने में बड़ी मदद कर सकता है. लेकिन याद रखिए, यह फायदा तभी मिलेगा जब आप ओल्ड टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) चुनते हैं. नए टैक्स सिस्टम में यह छूट उपलब्ध नहीं है.

आइए जानते हैं कि आप अपनी मेहनत की कमाई पर टैक्स कैसे बचा सकते हैं.

क्या माता-पिता को किराया देकर टैक्स बच सकता है?

जी हां, अगर आप अपने माता-पिता के घर में रहते हैं, तो उन्हें किराया देकर आप HRA क्लेम कर सकते हैं.  बस ध्यान रखें कि आपके माता-पिता को उस किराये को अपनी इनकम मानकर टैक्स रिटर्न (ITR) में दिखाना होगा. इसके अलावा, अगर आपके पास अपना घर है लेकिन आप नौकरी की वजह से दूसरे शहर में किराये पर रह रहे हैं, तो आप होम लोन के ब्याज और HRA, दोनों पर एक साथ छूट पा सकते हैं.

HRA पर कितनी छूट मिलेगी?

इनकम टैक्स नियमों के अनुसार, आपको मिलने वाली टैक्स छूट इन तीन राशियों में से जो सबसे कम होगी, उस पर मिलेगी:

  1. आपके एम्प्लॉयर से मिलने वाला कुल HRA
  2. आपकी बेसिक सैलरी का 50% (अगर आप दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद या अहमदाबाद में रहते हैं) या 40% (अन्य शहरों के लिए)
  3. आपके द्वारा चुकाया गया सालाना किराया, जिसमें से आपकी बेसिक सैलरी का 10% घटा दिया गया हो.

किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होगी?

टैक्स छूट का दावा करने के लिए आपके पास कुछ जरूरी सबूत होने चाहिए:

  • रेंट एग्रीमेंट और रेंट रिसीप्ट: मकान मालिक से ली गई रसीदें
  • मकान मालिक का PAN: अगर आपका सालाना किराया 1 लाख रुपये से ज्यादा है, तो मकान मालिक का पैन कार्ड देना अनिवार्य है. 
  • बैंक ट्रांजेक्शन: किराये का भुगतान बैंक के जरिए करना बेहतर रहता है ताकि आपके पास ठोस प्रमाण रहे. 

अगर सैलरी में HRA न हो तो क्या करें?

कई बार छोटे एम्प्लॉयर या स्वरोजगार (Self-employed) करने वालों की सैलरी में HRA कंपोनेंट नहीं होता.  ऐसे लोग Section 80GG के तहत किराये पर टैक्स छूट मांग सकते हैं. इसकी अधिकतम सीमा 60,000 रुपये सालाना है. 

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लेखक के बारे में

By Soumya Shahdeo

सौम्या शाहदेव ने बैचलर ऑफ़ आर्ट्स इन इंग्लिश लिटरेचर में ग्रेजुएशन किया है और वह इस समय प्रभात खबर डिजिटल के बिजनेस सेक्शन में कॉन्टेंट राइटर के रूप में काम कर रही हैं. वह ज़्यादातर पर्सनल फाइनेंस से जुड़ी खबरें लिखती हैं, जैसे बचत, निवेश, बैंकिंग, लोन और आम लोगों से जुड़े पैसे के फैसलों के बारे में. इसके अलावा, वह बुक रिव्यू भी करती हैं और नई किताबों व लेखकों को पढ़ना-समझना पसंद करती हैं. खाली समय में उन्हें नोवेल्स पढ़ना और ऐसी कहानियाँ पसंद हैं जो लोगों को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं.

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