झारखंड के गुमला से छत्तीसगढ़ के पत्थलगांव जाना होगा आसान, बनेगा 4 लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर

High-Speed Corridor: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लॉजिस्टिक कैपिसिटी और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए करीब 50,655 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 936 किलोमीटर लंबी नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने के लिए आठ परियोजनाओं पर अपनी मुहर लगाई है. इन परियोजनाओं को पूरा करने में करीब 4.42 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजित किए जाएंगे.

High-Speed Corridor: झारखंड के गुमला से छत्तीसगढ़ का पत्थलगांव जाना अब बेहद आसान हो जाएगा. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को ही नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर के तहत गुमला से पत्थलगांव तक 4 लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने की योजना को मंजूरी दी है. करीब 155 किलोमीटर तक दूरी वाले इस 4 लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर के निर्माण के लिए 4,473 करोड़ रुपये की लागत आएगी. इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 7 दूसरी हाई-स्पीड कॉरिडोर परियोजनाओं की भी मंजूरी दी है. इनमें उत्तर प्रदेश के आगरा से मध्य प्रदेश के ग्वालियर तक 6 लेन का हाई-स्पीड कॉरिडोर, अयोध्या रिंग रोड और कानपुर रिंग रोड, पश्चिम बंगाल के खड़गपुर से मोरग्राम के बीच 4 लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर और गुजरात के थराद-डीसा-मेहसाणा-अहमदाबाद के बीच 6 लेन वाले हाई-स्पीड कॉरिडोर शामिल हैं.

50,655 करोड़ रुपये खर्च करेगी सरकार

सरकार की ओर से जारी किए गए एक आधिकारिक बयान के अनुसार, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने लॉजिस्टिक कैपिसिटी और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए करीब 50,655 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 936 किलोमीटर लंबी नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर बनाने के लिए आठ परियोजनाओं पर अपनी मुहर लगाई है. इन परियोजनाओं को पूरा करने में करीब 4.42 करोड़ मानव दिवस रोजगार सृजित किए जाएंगे.

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इन 8 परियोजनाओं को मिली मंजूरी

केंद्रीय मंत्रिमंडल की ओर से नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर के तहत जिन 8 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है, उनमें 6 लेन वाला आगरा-ग्वालियर हाई-स्पीड कॉरिडोर, 4 लेन वाला खड़गपुर-मोरग्राम हाई-स्पीड कॉरिडोर, 6 लेन वाला थराद-डीसा-मेहसाणा-अहमदाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर, 4 लेन का अयोध्या रिंग रोड, रायपुर-रांची नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर के पत्थलगांव और गुमला के बीच 4 लेन वाली हाई-स्पीड कॉरिडोर और 6 लेन का कानपुर रिंग रोड शामिल हैं.

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किन परियोजनाओं पर कितना होगा खर्च

  • 88 किलोमीटर का आगरा-ग्वालियर नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर पर 4,613 करोड़ रुपये
  • खड़गपुर-मोरग्राम नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर पर 10,247 करोड़ रुपये
  • थराद-डीसा-मेहसाणा-अहमदाबाद नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर पर 10,534 करोड़ रुपये
  • 4 लेन अयोध्या रिंग रोड पर 3,935 करोड़ रुपये
  • रायपुर-रांची नेशनल हाई-स्पीड कॉरिडोर पर 4,473 करोड़ रुपये
  • 6 लेन वाला कानपुर रिंग रोड पर 3,298 करोड़ रुपये
  • 121 किलोमीटर लंबे उत्तरी गुवाहाटी बाईपास और मौजूदा गुवाहाटी बाईपास के चौड़ीकरण पर 5,729 करोड़ रुपये
  • पुणे के पास 30 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड नासिक फाटा-खेड़ कॉरिडोर 7,827 करोड़ रुपये

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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